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दिल्ली हिंसा में घायल हुए लोगों को CRPF जवानों ने किया रक्तदान

उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के इलाकों में हिंसा अब थमने लगी है। हिंसा में अब तक 34 की मौत की खबर आ चुकी है। लेकिन 250 से अधिक लोग अभी भी घायल हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। जब ये हिंसा शुरू हुई थी तब घायलों के लिए सुरक्षा उपलब्ध नहीं थी। हॉस्पिटल्स के डॉक्टरों ने सरकार से गुहार लगाई थी कि वो डॉक्टर की सुरक्षा उपलब्ध करवाएं और हॉस्पीटल में अन्य सुविधाएं भेजें। उसके बाद से प्रशासन की ओर से घायलों को हर सुविधा प्रदान करने की कोशिश की जा रही है।

जलती गाड़िया, तोड़फोड़, पत्थरबाजी और खून से लतपत लोगों की तस्वीरों के बीच कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आईं हैं जिन्हें देखकर लोगों के मन में भरोसा बढ़ रहा है। हम बात कर रहे हैं सीआरपीएफ के जवानों की। दिल्ली में सीआरपीएफ के 50 जवान मंगलवार को देर रात जीटीबी अस्पताल पहुंचे और रक्तदान किया। हिंसा में घायल हुए लोगों को खून की कमी न पड़े इसलिए ये सभी जवान अस्पताल पहुंचे। जिनमें से 34 जवानों ने ब्लड डोनेट किया।

मंगलवार रात को सुबह से ही हिंसा से घायल हुए लोगों को अस्पताल में लाया जा रहा था। ब्लड डोनेट करने 50 जवान आए थे। लेकिन डॉक्टर ने जरूरत के हिसाब से 34 जवान के खून लिए। और बाकी बचे 16 जवानों को अस्पताल प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर बुलाने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया।

इस बात की जानकारी खुद जीटीबी अस्पताल ने दी है। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए अस्पताल प्रशासन ने कहा कि सभी जवानों को धन्यवाद। ऐसे तो हमारे अस्पताल में खून की कमी नहीं हैं। लेकिन हिंसा में घायल लोगों को खून की कमी न हो इसलिए सीआरपीएफ के जवानों ने रक्तदान किया है। इसकी जितनी तारीफ की जाए वो कम है।

इस पर सीआरपीएफ के प्रवक्ता एम दिनाकरन ने कहा कि घायलों का इलाज जीटीबी अस्पताल में हो रहा है। यह बात पता चलते ही हमारे जवानों ने खून देने का फैसला किया। 50 जवान अस्पताल पहुंचे थे। मगर वहां 34 जवानों का ही खून लिया गया। हमारे जवान रक्तदान के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। खून की कमी के कारण किसी की जान नहीं जानी चाहिए, यह सोच रखते हुए काम करते हैं। बता दें कि हिंसा में अब तक 106 लोगों की गिरफ्तारी हुई है और 18 एफआईआर दर्ज किए गए हैं।