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केजरीवाल सरकार को शराब पर 70 फीसद ‘कोरोना टैक्स’ लगाने को लेकर कोर्ट का नोटिस

कोरोना के चलते पूरे देश में लॉकडाउन जारी है। इस दौरान शराब की दुकानें खोली गईं। शराब की बिक्री पर 70 प्रतिशत स्‍पेशल कोरोना टैक्‍स लागू किया गया था। अब ये मामला दिल्‍ली हाईकोर्ट में पहुंच गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब पर 70 फीसदी ‘कोरोना टैक्स’ लगाने पर अरविंद केजरीवाल सरकार से जवाब मांगा है।

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और जस्टिस हरी शंकर की बेंच ने इस मसले पर सरकार को एक नोटिस जारी की है। जिसमें केजरीवाल सरकार को 29 मई तक जवाब देने का समय दिया गया है। हालांकि, पीटीआई के मुताबिक शुक्रवार को कोर्ट ने सरकार के टैक्स लगाने के फैसले पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली सरकार का जवाब आने तक इंतजार करें उसके बाद इसपर फैसला किया जाएगा।

सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले याचिकाकर्ता ललित वेल्चा ने पीटीआई को बताया कि नोटिस जारी करते हुए अदालत ने कहा कि वह दिल्ली सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे और फिलहाल के लिए इस पर अंतरिम स्थगन लगाने से इनकार कर दिया। वहीं दिल्ली सरकार के स्थायी वकील रमेश ने प्रशासन की तरफ से आई नोटिस को स्वीकार किया है। उन्होंने अतिरिक्त टैक्स वसूली को वैध ठहराने का संकेत देते हुए कहा कि इस संबंध में जल्द ही विस्तृत जवाब कोर्ट में दायर किया जाएगा।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने तीन मई को 150 सरकारी शराब की दुकानों को खोले जाने की मंजूरी दी थी। सभी शराब की दुकानों में भीड़ उमड़ आई थी। ठीक एक दिन बाद सरकार ने शराब पर 70 फीसदी ‘विशेष कोरोना शुल्क’लगा दिया था। सरकार के इस फैसले के विरोध में बीते हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थी। दाखिल याचिका में कहा गया है कि 70 फीसदी शुल्क बढ़ा देना गलत है।