ÓñòÓÑïÓñ░ÓÑïÓñ¿Óñ¥ ÓñÁÓñ¥Óñ»Óñ░Óñ© Óñ©ÓÑç ÓñòÓñ¥Óñ░Óñú ÓñÅÓñÂÓñ┐Óñ»Óñ¥ ÓñòÓÑç 1.1 ÓñòÓñ░ÓÑïÓñíÓñ╝ Óñ▓ÓÑïÓñù Óñ╣ÓÑï Óñ£Óñ¥ÓñÅÓñéÓñùÓÑç ÓñùÓñ░ÓÑÇÓñ¼: ÓñÁÓñ░ÓÑìÓñ▓ÓÑìÓñí Óñ¼ÓÑêÓñéÓñò

कोरोना वायरस से कारण एशिया के 1.1 करोड़ लोग हो जाएंगे गरीब: वर्ल्ड बैंक

कोरोना वायरस से जान-माल के साथ-साथ पूरी दुनिया के अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। वर्ल्ड बैंक के तरफ से इसको लेकर एक चौकाने वाला रिपोर्ट सामने आई है। वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण इस साल चीन और पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों में अर्थव्यवस्था की रफ्तार बहुत धीमी रहेगी और उसके कारण 1.1 करोड़ लोग गरीब हो जाएंगे।

वर्ल्ड बैंक का कहना है कि पूूर्वी एशिया में इस वर्ष विकास की रफ्तार 2.1 फीसदी रह सकती है, जोकि 2019 में 5.8 फीसदी थी। बैंक का अनुमान है कि 1.10 करोड़ से अधिक संख्या में लोग गरीबी के दायरे में आ जाएंगे। ये हालात कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण ख़राब हो गई है। पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र के विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री आदित्य मट्टू ने कहा कि यह विश्‍वव्‍यापी संकट है। चीन समेत पूर्वी एशिया मुल्‍कों में गरीबी में तेजी से इजाफा होगा। इनकी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पूर्वी एशिया में 1.1 करोड़ लोग गरीब हो जाएंगे।

आदित्य मट्टू ने कहा, “आने वाले समय में एशिया में गरीबी बढ़ सकती है। चीन की अर्थव्यव्स्था की वृद्धि दर 2.3 फीसदी पर आ सकती है।” जबकि कुछ महीने पहले ही वर्ल्ड बैंक ने कहा था कि चीन की वृद्धि दर 5.9 फीसदी रहेगी। यह अनुमान पहले के किए गए अनुमान के बिल्कुल विपरीत है। पहले कहा गया था कि इस वर्ष विकास दर पर्याप्त रहेगी और 3.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ जाएंगे।

इसमें सिर्फ भारत ही नहीं चीन की विकास दर केवल 2.3 फीसदी ही रहेगी। जबकि पिछले साल चीन में 6.1 फीसदी थी। गौरतलब है कि दुनिया भर में कोरोना वायरस से अब तक 37 हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी हैं। दुनिया भर में कुल संक्रमित लोग 7,84,314 हैं। वहीं भारत में कोरोना वायरस से अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है और 1200 से ज्यादा लोगों इस संक्रमण के चपेट में आ चुके हैं।