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कोरोना वायरस पर छुपाया जा रहा है आंकड़ा, 25000 लोगों के मरने की आशंका

कोरोना वायरस से चीन में जिस तरह से लोगों की मौत हो रही है उससे रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं। चीन सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस से अब तक 563 लोगों की जान गई है। लेकिन एक चौका देने वाली खबर चीन की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी टेनसेंट का आया है। जिससे एक डाटा सोशल मीडिया पर डाला गया है जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना वायरस से चीन में अब तक करीब 25000 लोगों की मौत हो चुकी है और डेढ़ लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हैं।

टेनसेंट कंपनी का जैसे ही डाटा ऑनलाइन लीक हुआ वैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। डाटा के मुताबिक, कोरोना वायरस से चीन में अब तक 154,023 लोग प्रभ‍ावित हैं और 24,589 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि सोशल मीडिया पर हंगामा मचने के बाद कंपनी ने डाटा को हटा दिया है और नए आंकड़े जारी कर दिए हैं। नए आंकड़ों में कहा गया है कि कोरोना वायरस से अब तक 14,446 लोग पीड़‍ित हैं और कुल 304 लोगों की मौत हुई है, जबकि चीन के सरकारी आंकड़ों में मौत का आंकड़ा 563 बताया गया है।

ताइवान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों में फैली चीनी कंपनी टेनसेंट का एक डाटा गलती से लीक हो गया था, जिससे कोरोना वायरस की भयावहता सामने आई। दूसरी तरफ पीपुल्स डेली की रिपोर्ट के मुताबित, चीन में अब तक 28 हजार से ज्यादा कंफर्म केस सामने आए हैं। इसके अलावा हांगकांग, मकाओ और ताइवान में भी इसके मरीजों का पता चला है।

इस बीच चीन ने बुधवार को दावा किया था कि पिछले दो दिनों में कोरोना वायरस के नए संदिग्ध मामलों की संख्या में कमी आई है। सरकार के कारगर कदमों के कारण इस जानलेवा बीमार के फैलने को काबू किया जा सका है। जबकि चीन में मृतकों की संख्या बढ़ने के बाद हांगकांग ने कहा, “चीन से आने वाले सभी लोगों को शनिवार से दो सप्ताह तक परिवार से अलग निगरानी में रहना होगा।”

कोरोना वायरस चीन में ही नहीं दूसरे देशों में भी फैल रहा है। खबरों के मुताबिक, जापान में कोरोना वायरस से संक्रमित 34, थाईलैंड में 25, सिंगापुर में 24, दक्षिण कोरिया में 19, ऑस्ट्रेलिया में 14, जर्मनी में 12, अमेरिका में 11, ताइवान में 11, मलेशिया में 10, वियतनाम में 10, फ्रांस में 6, संयुक्त अरब अमीरात में 5, कनाडा में 4, भारत में 3, फिलीपीन में 3 (एक मौत सहित), रूस में 2, इटली में 2, ब्रिटेन में 2, बेल्जियम में 2, नेपाल में 1, श्रीलंका में 1 और फिनलैंड में 1 मामले सामने आए हैं।

सोशल मीडिया पर यूजर्स के बीच इस डाटा को लेकर मतभेद साफ दिखाई दे रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि कोडिंग में गड़बड़ी की वजह से टेनसेंट का यह असली डाटा ऑनलाइन लीक हो गया, वहीं कुछ लोगों का ये भी कहना है कि कंपनी के किसी कर्मचारी ने जानबूझकर असली डाटा लीक किया है ताकि दुनिया को कोरोना वायरस की वास्तविक स्थिति का सही पता लग सके।

साथ ही कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ने आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस की गंभीरता को सरकार छुपाने का काम कर रही है। ये भी कहा जा रहा है कि मेडिकल सर्विस से पता लगाया जा सजता था लेकिन मेडिकल संस्थाओं पर भी सरकार नियंत्रण कस रही है ताकि वे इसकी जानकारी किसी को न दे। इसके पीछे का कारण ये बताया जा रहा है कि इससे कारोबार पर असर पड़ेगा।