आंध्र में वेदिका बिल्डिंग को लेकर टकराव

आंध्र प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री वाईएसआर जगन मोहन रेड्डी ने प्रजा वेदिका बिल्डिंग को तोड़ने के आदेश दिया है। तेदेपा के कार्यकर्ता कड़ा विरोध कर रहे हैं। पुलिस ने प्रजा वेदिका को तोड़ने का काम शुरू करा दिया है। प्रजा वेदिका पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का आवास था। जगन मोहन रेड्डी का कहना हे कि कृष्णा नदी के किनारे बना यह आवास गैरकानूनी ढंग से बनाया गया है। कानून का उल्लंघन करने वाले किसी को भी माफ नहीं किया जाएगा। ऐसे में इस आवास को गिराने का आदेश दे दिया गया है।
बहरहाल, चंद्रबाबू नायडू विदेश में लंबी पारिवारिक छुट्टी बिताकर वापस लौटे हैं। वे प्रजा वेदिका पहुंचने वाले हैं ऐसे में समझा जा रहा है कि वहां टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। आंध्र प्रदेश की सत्ता से विदाई के बाद चंद्रबाबू नायडू को मिल रही सरकारी सुविधाएं कम होती जा रही हैं। तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू के परिवार के सदस्यों की सुरक्षा में भी कमी की गई है। उनके बेटे नारा लोकेश को मिली जेड श्रेणी की सुरक्षा को वापस ले लिया गया है। उनकी सुरक्ष काफी कम कर दी गई है।
चंद्रबाबू नायडू ने जगनमोहन रेड्डी को चिट्ठी लिखकर प्रजा वेदिका को नेता प्रतिपक्ष का सरकारी आवास घोषित करने की मांग की थी। लेकिन उनकी मांग ठुकरा दी गई। प्रजा वेदिका का निर्माण तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) एन चंद्रबाबू नायडू के निवास के बगल में किया गया था। इसका उपयोग सरकार और पार्टी गतिविधियों दोनों के लिए किया जा रहा था। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में टीडीपी की हार के बाद,  चंद्रबाबू नायडू ने पांच जून को नए मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को पत्र लिखा था।, जिसमें उन्होंने विपक्ष के नेता की हैसियत से उन्हें आवास आवंटित करने का अनुरोध किया था।
आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में तेलगू देशम पार्टी को जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के हाथों बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था। जिसने 151 सीटों पर जीत हासिकल कर 175 सदस्यीय विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया था। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में भी वाईएसआरसीपी को 22 सीटें मिलीं, जबकि टीडीपी को सिर्फ तीन सीटें मिलीं थी।

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