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बहन की शादी के कार्ड बांटने गए भाई की मौत, दोस्तों ने किए हाथ पीले

राजस्थान पुलिस के इकबाल को बुलंद कर खाकी के मानवीय पहलू की एक बड़ी मिसाल मंगलवार पेश की गई। कस्बा निवासी सवाई माधौपुर कोतवाली में कार्यरत कांस्टेबल रामेन्द्रसिंह की 19 जून को बहन की शादी के कार्ड बांटने जाते समय गहनोली के पास कार की टक्कर से मौत हो गई। जिसकी बहन की मंगलवार को शादी थी, लेकिन साथी पुलिसकर्मियों ने 12 दिन पहले सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अपने साथी रामेन्द्र की मौत को नहीं भुलाया और सामाजिक सरोकार निभाते हुए बहन की शादी करने का निर्णय लिया।

इसके लिए समाजसेवी और पूर्व पुलिसकर्मी दौलतसिंह चौधरी, प्रेम सिनसिनी ने सभी साथी पुलिसकर्मियों को साथ लेते हुए सवाई माधोपुर व भरतपुर जिले और आसपास के जिलों में पदस्थापित पुलिसकर्मियों से आठ लाख रुपए की नकद राशि एकत्रित की।

इसमें शादी में 2 लाख 21 हजार नकदी, डेढ़ लाख रूपए कीमत के जेवरात, फर्नीचर का सामान, फ्रीज, एलईडी, वाशिंग मशीन, कूलर मिक्सी, सिलाई मशीन, बर्तन, कपडे आदि पूरा घरेलू सामान एवं दावत सहित शादी का पूरा खर्चा उठाया। साथ ही मृतक साथी की मां के नाम तीन लाख रुपए की एफडी कराई है। पुलिसकर्मियों के भाई बनकर शादी की पूरी व्यवस्था करने से मां व बहन की आंखें भर आई। वे बेटे की याद कर रो पड़े।

मृतक कांस्टेबल रामेन्द्रसिंह की पांच बहन हैं। पिता की पांच वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। जिससे रामेन्द्र पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब है। रामेन्द्र ने छोटी बहन का रिश्ता कर दिया। जिसकी 30 जून को शादी तय थी, जिसके लिए उसने ऋण लेने के लिए बैंक में आवेदन कर रखा था।