'ÓñƒÓÑÇÓñ«ÓÑìÓñ© ÓñòÓÑï ÓñÜÓñ¥Óñ░ÓÑìÓñƒÓñ░ÓÑìÓñí Óñ½ÓÑìÓñ▓Óñ¥ÓñçÓñƒ Óñ«ÓÑçÓñé Óñ▓Óñ¥Óñô, ÓñòÓÑïÓñ░ÓÑïÓñ¿Óñ¥ ÓñƒÓÑçÓñ©ÓÑìÓñƒ ÓñòÓñ░Óñ¥Óñô Óñ¬Óñ░ T20 ÓñÁÓñ░ÓÑìÓñ▓ÓÑìÓñí ÓñòÓñ¬ Óñ░ÓñªÓÑìÓñª Óñ«Óññ ÓñòÓñ░ÓÑï'

‘टीम्स को चार्टर्ड फ्लाइट में लाओ, कोरोना टेस्ट कराओ पर T20 वर्ल्ड कप रद्द मत करो’

अभी पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। अभी तक कोरोना वायरस से करीब 1 लाख 20 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इसी को देखते हुए अभी कई सारे देशों में लॉकडाउन लगा हुआ है। कोरोना के ही वजह से इस साल होने वाले टोकियो ओलंपिक को अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए अभी भारत में 19 दिनों का लॉकडाउन बढ़ाया गया है।

जिससे अब आईपीएल पर बड़ा असर पड़ा है। अब एक्सपर्ट्स का मानना है कि मान लीजिए आईपीएल रद्द हो चुका है। इसी तरह इस साल के आखिर में होने वाले टी-20 को भी रद्द किया जा सकता था पर इसके बचाव में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर ब्रैड हॉग ने एक सुझाव देते हुए टी-20 को रद्द न करने की अपील की है। उनका कहना है कि इस साल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टी-20 वर्ल्ड कप आयोजन करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए, भले ही इसके लिए टीमों को एक महीने पहले चार्टर्ड फ्लाइट में लाना पड़े और सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का कोरोना वायरस का परीक्षण कराना पड़े।

यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया में 18 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक होना है। ब्रैड हॉग ने कहा कि टूर्नामेंट को स्थगित या रद्द करने के विचार के खिलाफ हैं और टूर्नामेंट के सुचारु आयोजन के लिए आयोजकों को समय रहते कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे। हॉग ने ट्विटर पर वीडियो में कहा, “इस तरह की बातें हो रही हैं कि ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप को रद्द किया जा सकता है या इसका समय बदला जा सकता है। मुझे यह पसंद नहीं है… लेकिन कुछ समस्याएं हैं, जिनका हल निकालने की जरूरत है। काफी खिलाड़ी लॉकडाउन से गुजर रहे हैं। वह बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और टी-20 विश्व कप जैसे टूर्नामेंट के लिए ट्रेनिंग और तैयारी नहीं कर पा रहे। इसलिए हमें उन्हें यहां एक या डेढ़ महीना पहले लाना होगा।”

उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि सभी खिलाड़ियों को चार्टर्ड फ्लाइट से लाए और उनका ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने के समय सभी खिलाड़ियों का स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाए। आगे उन्होंने वीडियो में कहा, “व्यावसायिक उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए हमें चार्टर्ड उड़ानों का सहारा लेना होगा… चार्टर्ड फ्लाइट में बैठने से पहले सभी खिलाड़ियों का परीक्षण होना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया में आने के बाद उन्हें दो हफ्तों के लॉकडाउन से गुजरना होगा। दो हफ्ते अलग रहने का समय पूरा होने के बाद उनका दोबारा परीक्षण होगा और अगर वे परीक्षण में सफल रहते हैं तो बाहर जाने, तैयारी और ट्रेनिंग करने के लिए स्वतंत्र होंगे।”

सोशल डिस्टेंस को लेकर उन्होंने कहा, “सामाजिक दूरी बनाना क्रिकेट में समस्या नहीं होगी, क्योंकि अधिकांश समय खिलाड़ी एक-दूसरे से एक-डेढ़ मीटर से अधिक की दूरी पर ही रहते हैं। एकमात्र समस्या स्लिप में हो सकती है, लेकिन इसके लिए नियम बनाया जा सकता है कि स्लिप में दो खिलाड़ियों के बीच कम से कम दो मीटर की दूरी होगी।” अभी ऑस्ट्रेलिया में 6,447 मामले सामने आए है। उससे अभी 63 लोगों की मौत हुई है।