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भाजपा का चुनाव प्रचार दे रहा है केजरीवाल के सामने घुटने टेकने का संकेत

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह से अपनी पूरी ताकत झोंक डाली है उससे लगता है कि वो हार के कगार पर है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों की भारी भरकम फौज को झोंक डाला है। उसके साफ संकेत हैं कि भाजपा अरविंद केजरीवाल के सामने घुटने टेक चुकी है।

बीजेपी मान चुकी है कि केजरीवाल फिर से दिल्ली में सरकार बनाने जा रहे हैं। यही वजह है कि तमाम दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारा गया है। दरअसल, भाजपा को लगता है कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में आम जनता को जो बुनियादी सुविधाएं दी।

खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में जो सुधार किया। उससे उसका चुनाव में केजरीवाल के आगे ठहरना मुश्किल है। यही वजह है कि जहां एक ओर वह शाहीन बाग का मुद्दा जोर-शोर से उठा रही है।

वहीं उसने अपने तमाम दिग्गज यहां तक कि सहयोगी पार्टियों के बड़े नेता भी मैदान में उतार दिए हैं। पार्टी की इस चुनावी चिंता से अब लोग यहां तक उपहास उड़ाने लगे हैं, ‘‘क्या केजरीवाल कोई दस हजार हाथियों का बल रखते हैं जो उन्हें हराने के लिए केंद्र सरकार और भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक डाली है।’’

भाजपा के मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद जिस तरह चुनावी सभाएं कर रहे हैं उससे निगम पार्षदों और छोटे नेताओं के चुनाव प्रचार के कोई मायने नहीं रह गए हैं। सच तो यह है कि बड़े नेताओं के चुनाव प्रचार के बीच छोटे नेता अपनी ताकत दिखाने को तरस गए हैं।