ÓñªÓÑüÓñ¿Óñ┐Óñ»Óñ¥ ÓñòÓñ¥ ÓñÅÓñò ÓñÉÓñ©Óñ¥ ÓñªÓÑçÓñ Óñ£Óñ╣Óñ¥Óñé Óñ¿Óñ╣ÓÑÇÓñé Óñ╣ÓÑê ÓñòÓñ┐Óñ©ÓÑÇ ÓñòÓÑï ÓñòÓÑïÓñ░ÓÑïÓñ¿Óñ¥ ÓñÁÓñ¥Óñ»Óñ░Óñ© ÓñòÓñ¥ ÓñíÓñ░

दुनिया का एक ऐसा देश जहां नहीं है किसी को कोरोना वायरस का डर

लगभग पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस से दहशत में है। लोग घरों के अंदर कैद हैं और पूरी तरह से अपने सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं। लेकिन एक देश ऐसा भी है जो इन सब रोक टोक से अछूता है। जहां कोई लॉकडाउन जैसा कुछ नही हैं और न ही आयोजनों पर कोई रोक है। यहां न तो कोई बाजार बंद है और न ही स्कूल बंद है। हालांकि एयरपोर्ट पर चेकिंग की जा रही है।

बेलारूस यूरोप का एक अकेला ऐसा देश है जहां कोरोना महामारी के बीच भी फुटबॉल जारी है। और दुनियाभर के फुटबॉल प्रेमी अब उसके यहां हो रहे मैचों पर नजर रखने लगे हैं। इससे पहले कहा जा रहा था कि शायद इसपर रोक लगा दी जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। यहां के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लूकाशेन्को है। यहां के राष्ट्रपति को यूरोप का अंतिम डिटेक्टर कहा जाता है। यह बहुत ही आश्चर्य करने वाली बात है कि जब पूरा विश्व इस बीमारी से बचने के प्रयास कर रहा है तो इस देश में इसे लेकर कोई ख़ौफ़ क्यों नहीं है।

फुटबॉल लीग में भारी संख्या में आते हैं दर्शक
बेलारूस के प्रीमियर लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों में भी कोई डर या पैनिक है। वो कहते हैं कि दुनियाभर में जो कुछ हो रहा है, उसका कोई असर हम पर नहीं होगा। लीग में हमेशा से मिली-जुली भीड़ एकत्रित होती है। इस बार भी फैंस आकर उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं।पूरे यूरोप में केवल बेलारूस में ही इस समय प्रीमियर लीग हो रही है। इसलिए पड़ोसी देश भी अपने टीवी या इंटरनेट पर इसे ट्यून करके देख रहे हैं।

यहां के राष्ट्रपति ने पिछले हफ्ते ही कहा था, “कोरोना वायरस एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है, जो कुछ लोगों को फायदा देती है और बाकियों को नुकसान। जिस तरह से पूरी दुनिया कोरोना के आगे व्यवहार कर रही है, वो केवल मूर्खता है। उससे बड़ी बेवकूफी देशों द्वारा अपनी बॉर्डर बंद करना है। ये स्थिति हमें वायरस से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है।” इससे अच्छा तो यह होगा कि हमें रोज 40-50 ग्राम वोडका पी लेनी चाहिए। हफ्ते में एक बार अपने फॉर्म में काम करना चाहिए। हालांकि, बेलारूस के राष्ट्रपति के इस बयान का पड़ोसी देश मजाक भी बना रहे हैं।

इस समय बेलारूस में लोगों के पास राष्ट्रपति के निर्देश मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हालांकि, कोरोना से दो लोगों की मौत बेलारूस में बताई जा रही है पर आधिकारिक तौर पर इसकी कोई घोषणा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि हो सकता है इन दो मौतों की वजह कोई अन्य बीमारी हो।

बेलारूस के राष्ट्रपति ने देश की ख़ुफ़िया एजेंसी बेलारूसी केजीबी से कहा है कि आम लोगों के बीच अफ़वाह फैलाने और दहशत फैलाने वालों को पकड़ा जाए। इस देश की विपक्षी एक्टिविस्ट एंड्रे किम सरकार के कड़ी आलोचक रही है। लेकिन इस माम्हेले में वो भी सरकार का समर्थन कर रही है। बेलारुस फिलहाल दुनिया का ऐसा एक मात्र देश है। जहां इस बीमारी को लेकर अभी तक कोई रोक नहीं लगाई गई है।