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अमित शाह ने कहा दिल्ली में हिंसा करने वाले UP से आए थे, विपक्ष बोली फिर आप क्या कर रहे थे

दिल्ली दंगों के 15 दिनों बाद सरकार ने सदन में जवाब दिया है। सदन में दिल्ली दंगों पर विपक्ष ने जमकर सरकार को लताड़ा और सरकार की आलोचना की। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अमित शाह को घेरते हुए कहा कि जब दिल्ली जल रही थी तब अमित शाह क्या कर रहे थे। पिछले कई दिनों से दिल्ली दंगों पर बात न होने के कारण संसद की कार्यवाही स्थगित की जा रही थी। बुधवार को सदन में बोलते हुए रंजन ने कहा कि जब तक सरकार दिल्ली दंगों की चर्चा नही करेंगी, तब तक सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी।

वहीं दिल्ली हिंसा पर लोकसभा में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दिनों हमने हिंदुत्व की सुनामी देखी। उन्होंने कहा कि कम से कम 1100 मुस्लिमों को अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया है। ओवैसी ने कहा कि इन दंगों की निष्पक्ष जांच हो, ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके। असदुद्दीन के इस भाषण पर लोकसभा में जनकर हंगामा हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने औवेसी के भाषण के कुछ हिस्सों को रिकार्ड से हटाने को कहा।

दिल्ली हिंसा पर सरकार की तरफ से जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि फेस आइडेंटिफिकेशन सॉफ्टवेयर के जरिए 1100 लोगों की पहचान की गई है। दंगों पर बोलते हुए शाह ने कहा कि 300 लोग यूपी से दिल्ली में दंगा फैलाने के लिए आए थे। दिल्ली पुलिस की तारीफ के पुल बांधते हुए शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 36 घंटो में दंगों पर काबू पाकर अपना काम बखूबी निभाया। हालांकि, दिल्ली पुलिस की नाकामी को हर कोई जिम्मेदार ठहरा रहा है। शाह ने सदन में कहा कि दिल्ली दंगों की फंडिग करने वाले 3 लोगों को हमने गिरफ्तार कर लिया है। 60 अकाउंट दिल्ली दंगों के दौरान एक्टिव थे। लेकिन जैसे ही दंगे बंद हुए, वह अकांउट भी बंद हो गए। गृह मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि दंगों की जांच के लिए किसी को भी बुलाया जा सकता है लेकिन गिरफ्तार उसी को किया जाएगा, जिसके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलेंगे।

अमित शाह ने वारिस पठान और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीएए को लेकर संसद को दोनों सदनों में स्पष्टता बरती गई थी, लेकिन इसी सीएए को लेकर लोगों में इसका गलत प्रचार किया गया था। देश के अल्पसंख्यकों को गुमराह किया गया था। शाह ने सदन में सीएए के ऊपर बोलते हुए कहा कि 24 फरवरी से पहले सीएए के विरोध में कम और सीएए के समर्थन में ज्यादा रैलियां निकाली गई थी। एक नेता के बयान को कोट करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अगर घर से बाहर नहीं निकलोगे तो कायर कहलाओगे, आर-पार की लड़ाई लड़ो। वारिस पठान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो चीज़ मिलती नही, उसे छीनना पड़ता है, हम 15 करोड़ है 100 करोड़ पर भारी पड़ेेंगे।

दंगों में हुए जानमाल के नुक्सान पर अमित शाह ने कहा कि दुकान या मौत किसी हिंदू या मुस्लिम की नहीं जली, वह एक भारतीय की जली है। दंगों में दुकानों पर आग लगाने वालों की विडियोग्राफी के जरिए पहचान की जा रही है। किसी के खून-पसीने की कमाई एक मिनट में खाक हो जाए तो दुख होगा। जिन लोगों ने भी दुकानें जलाई है उनकी संपत्ति को जब्त की जाएगी। दंगों की निष्पक्ष जांच के लिए हमने दिल्ली हाईकोर्ट को एक पत्र लिखा है कि कमेटी के लिए जज का नाम आप दें। दिल्ली दंगों में अब तक के सरकारी रिकार्ड के अनुसार, 52 लोगों की मृत्यु हुई है। 526 घायल 371 दुकाने और 142 लोगों के घर जले हैं।