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कोरोना के डर से एक क्लर्क ने की आत्महत्या, दफ्तर में छोड़ा सुसाइड नोट

गन्ना विकास परिषद शेरमऊ में काम करने वाले एक क्लर्क ने कोरोना वायरस फैलने के डर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दफ्तर में मिले सुसाइड नोट से पता चलता है कि कर्मचारी कोरोना संक्रमण से भयभीत था जिसके बाद उसने आत्महत्या की। सहारनपुर के बाईपास स्थित सत्संग भवन के पास गन्ना विकास परिषद का एक ऑफिस है। वैसे तो लॉकडाउन के कारण ऑफिस आजकल कम ही खुलता था। लेकिन शेरपुर निवासी आदेश सैनी अक्सर ऑफिस में आया-जाया करते हैं ताकि अपना काम खत्म कर सकें।

कार्यालय शाम 5 बजे बंद हो जाता था। लेकिन बुधवार को 7:30 बजे तक खुला रहा। कार्यालय खुला देखकर पड़ोसी को अजीब लगा और उसने ऑफिस में काम करने वाले एक युवक बंटी को आवाज लगाई। पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।  उसके बाद पड़ोसी कमरे के अंदर चला गया। उसने देखा कि आदेश सैनी का शव पंखे से लटक रहा है। उसके बाद पड़ोसी ने इसकी सूचना अपने दूसरे पड़ोसी डॉक्टर संदीप को दी। डॉक्टर संदीप ने इस घटना की सूचना फोन कर पुलिस को दी। पुलिस ने ऑफिस पहुंचकर शव को नीचे उतारा और घटनास्थल जायजा लिया।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

पुलिस ने उसके बाद आदेश सैनी के रिश्तेदारों को इसी सुचना दी। उसके बाद रिश्तेदार वहां पहुंचे। आदेश सैनी के रिश्तेदारों ने बताया कि आदेश सैनी कुछ दिनों से थोड़ा डिप्रेशन में रह रहे थे। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइट नोट भी मिला। उसमें सुसाइड का कारण कोरोना वायरस को बताया है।

आदेश सैनी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं कोरोना वायरस से बहुत डरा हुआ हूं। मुझे अपनी चिंता नहीं है। मुझे बच्चों की चिंता रहती है, क्योंकि मैं जब घर जाता हूं तो मुझे लगता है कि मैं कोरोना वायरस का शिकार हूं। मैं पिछले 10 दिनों से सोया नहीं हूं। इसलिए मैं यह कदम उठा रहा हूं। इसके लिए कोई दोषी नहीं है। मेरी यह अंतिम प्रार्थना है कि मेरे बाद यह पत्र जिसे भी मिले इसका सही जगह इस्तेमाल करने का कष्ट करे।