हरियाणा से खट्टर की विदाई तय !
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में आए नतीजों से भाजपा की बेचैनी बढ़ गई है। यही वजह है कि पार्टी में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कुछ राज्यों मुख्यमंत्री बदलने पर गहन चिंतन-मनन चल रहा है। सबसे पहला नंबर हरियाणा का आ रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की जगह अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसको लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विचार -विमर्श कर रहा है।
हरियाणा भाजपा में असंतोष के स्वरों को दबाने के लिए भी पार्टी इस एजेंड़े पर काम कर रही है। इसके अलावा जाटों की नाराजगी को भी अहम माना जा रहा है। भाजपा के केंद्रीय नेताओं में से अधिकतर की राय हरियाणा में जाट मुख्यमंत्री के पक्ष में है। जबकि खट्टर समर्थक नाॅन जाट कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी कोई गुल खिला सकती है। चुनावों से पूर्व पार्टी के कार्यकर्ता कहीं इस मुद्दे को लेकर दो गुटों में न बंट जाएं इसलिए भी कोई रास्ता ढूंढ़ा जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व को खट्टर के बदलने में एक फायदा यह भी दिख रहा है कि राज्य और केंद्र की सरकार के प्रति आम लोगों का गुस्सा कुछ कम हो सकता है। गौरतलब है कि हरियाणा में वर्ष 2019 का दोहरा राजनीतिक अखाड़ा जमेगा। 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ ही इसी साल के अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। इस प्रदेश में केंद्रीय नेतृत्व को पार्टी कार्यकार्ताओं की सरकार के प्रति नाराजगी काफी अरसे से सुनने को मिल रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि कार्यकर्ताओं की इस नाराजगी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
भाजपा के राज्यसभा सांसद और मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी कहते हैं कि हमें 2019 में हर हाल में जीत दर्ज करनी है। इसमें मद्देनजर कुछ भी संभव है। कार्यकर्ताओं की राय भी महत्वपूर्ण है। सभी से विचार-विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
