कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की जान बचाते – बचाते खुद नहीं बच पाए सैकड़ों  डॉक्टर 

कोरोना  वायरस की दूसरी लहर अब भी जारी है। हालांकि पिछले एक हफ्ते से देशभर में इस महामारी की दूसरी लहर थोड़ी कम होती जरूर दिख रही है। पिछले  24 घंटों में कोरोना वायरस के 84 हजार 332 नए मामले मिले हैं। जबकि 4 हजार 2 लोगों जान चली गई। यही कारण है कि रोजाना लाखों लोग इससे संक्रमित हो रहे हैं, जबकि हजारों लोगों की प्रतिदिन जान जा रही है। इस संक्रमण से  लोगों की जान बचाने वाले  डॉक्टर भी अपनी जान गंवा रहे हैं। दूसरी लहर  में अबकत 719 डॉक्टर अपनी जान गंवा चुके हैं।

भारतीय मेडिकल एसोसिएशन के मुताबिक  सबसे ज्यादा डॉक्टरों की मौत के मामले में बिहार 111 डॉक्टरों की मौत में हुई है।दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय राजधानी  दिल्ली है। यहां  109 डॉक्टरों की मौत हुई है, जबकि कोरोना की वजह से उत्तर प्रदेश में 79 और पश्चिम बंगाल में 63 डॉक्टरों की जान गई है।

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भारतीय मेडिकल एसोसिएशनके मुताबिक  कोरोना वायरस  की शुरुआत से अब तक कुल 1 हजार 467 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है। महामारी की पहली लहर के दौरान 748 डॉक्टरों की जान चली गई थी। आइएमए के अनुसार, कोविड -19 की दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक 30 से 55 वर्ष के बीच के डॉक्टरों ने अपनी जान गंवाई है, जिसमें रेजिडेंट डॉक्टर और इंटर्न के रूप में काम करने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं। इन डॉक्टरों के अलावा, कई गर्भवती महिला डॉक्टरों ने भी ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है।