Óñ£Óñ«ÓÑìÓñ«ÓÑé-ÓñòÓñÂÓÑìÓñ«ÓÑÇÓñ░ ÓñòÓÑç Óñ»ÓÑüÓñÁÓñ¥ÓñôÓñé Óñ«ÓÑçÓñé Óñ¬ÓÑìÓñ░ÓñºÓñ¥Óñ¿Óñ«ÓñéÓññÓÑìÓñ░ÓÑÇ ÓñÁÓñ┐ÓñÂÓÑçÓñÀ Óñ©ÓÑìÓñòÓÑëÓñ▓Óñ░ÓñÂÓñ┐Óñ¬ Óñ»ÓÑïÓñ£Óñ¿Óñ¥ (PMSSS) ÓñòÓÑï Óñ▓ÓÑçÓñòÓñ░Óñ╣Óñ░ Óñ¼Óñ¥Óñ░ ÓñòÓÑÇ ÓññÓñ░Óñ╣ ÓñçÓñ© Óñ¼Óñ¥Óñ░ Óñ¡ÓÑÇ ÓñûÓñ¥Óñ©Óñ¥ ÓñëÓññÓÑìÓñ©Óñ¥Óñ╣ Óñ╣ÓÑêÓÑñ Óñ£Óñ«ÓÑìÓñ«ÓÑé-ÓñòÓñÂÓÑìÓñ«ÓÑÇÓñ░ ÓñòÓÑç 11 Óñ╣Óñ£Óñ¥Óñ░ Óñ©ÓÑç ÓñàÓñºÓñ┐Óñò Óñ»ÓÑüÓñÁÓñ¥ÓñôÓñé Óñ¿ÓÑç

PMSSS लिए जम्मू-कश्मीर के 11 हजार से अधिक बच्चों ने किए आवेदन

जम्मू-कश्मीर के युवाओं में प्रधानमंत्री विशेष स्कॉलरशिप योजना (PMSSS) को लेकर हर बार की तरह इस बार भी खासा उत्साह है। जम्मू-कश्मीर के 11 हजार से अधिक युवाओं ने अब तक इस स्कॉलरशिप ऑनलाइन आवेदन दिया है। जम्मू-कश्मीर के युवाओं को प्रधानमंत्री विशेष स्कालरशिप योजना के तहत देश के विभिन्न सरकारी और प्राइवेट उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का मौका मिलता है। इस योजना के तहत युवाओं को पढ़ाई और हॉस्टलों रहने और खाने-पीने के लिए आर्थिक सहयोग सरकार देती है।

पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने साल 2011 में इस स्कॉलरशिप की शुरूआत की थी। जम्मू कश्मीर के पांच हजार युवाओं को इसके तहत प्रोफेशनल और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप दिया जाता है।

स्कॉलरशिप योजना ते तहत सामान्य कोर्स, इंजीनियरिंग और मेडिकल के कोर्सों के लिए सीटें निर्धारित की गई है। आल इंडिया काउंसिल फार टेक्नीकल एजूकेशन की तरफ से इस स्कॉलरशिप योजना का संचालन किया जाता है। इस स्कॉलरशिप के लिए अकादमिक सत्र और पिछले अकादमिक सत्र में 12वीं कक्षा पास करने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं।

इसके लिए जरूरी है कि छात्र के पास जम्मू-कश्मीर का डोमिसाइल हो और वह जम्मू-कश्मीर में स्थित स्कूलों से 12वीं की परीक्षा पास किया हो। युवाओं को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अपने ओरिजनल सर्टिफिकेट की जांच निर्धारित सेंटरों में करवानी है।

उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए 44 सेंटर बनाए हैं। यह सेंटर डिग्री कालेजों में बनाए गए है ताकि विद्यार्थियों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। हर साल प्रधानमंत्री विशेष स्कॉलरशिप योजना के तहत औसतन 15 हजार से अधिक आवेदन जमा होते हैं। इसके तहत इस बार इसरो ने भी छह सीटें अलॉट की हैं।

इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर समेत देश के कई प्रतिष्ठित सरकारी और प्राइवेट संस्थान हैं जिसमें सीटें आरक्षित हैं। एमबीबीएस और बीडीएस को मिलाकर 100 सीटें हैं। उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव तलत परवेज रोहेल्ला ने बताया कि हमने सीटें बढ़ाने का मामला आल इंडिया काउंसिल फार टेक्नीकल एजूकेशन के समक्ष उठाया है।