Óñ¿Óñ╣ÓÑÇÓñé Óñ¡ÓÑçÓñ£Óñ¥ Óñ£Óñ¥ÓñÅÓñùÓñ¥ FIR ÓñªÓñ░ÓÑìÓñ£ ÓñÁÓñ┐ÓñªÓÑçÓñÂÓÑÇ Óñ£Óñ«Óñ¥ÓññÓñ┐Óñ»ÓÑïÓñé ÓñòÓÑï ÓñëÓñ¿ÓñòÓÑç ÓñªÓÑçÓñÂ

नहीं भेजा जाएगा FIR दर्ज विदेशी जमातियों को उनके देश

देशव्यापी लॉकडाउन के बीच ही फंसे मजदूर और छात्रों को उनके घरों तक पहुँचाया जाया रहा है। हर संभव प्रयास कर सरकार इन लोगों को उनके घर तक पहुँचाने के लिए तत्पर है। लेकिन इस दौरान दिल्ली सरकार की ओर से भी क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे तब्लीगी जमातियों को भी छोड़ने का निर्णय किया गया है।

केजरीवाल सरकार का इसपर कहना है कि इस मामले पर सरकार की ओर से राज्य सरकारों से विचार विमर्श किया जा रहा है।
लेकिन, विदेशी जमातियों को उनके देश भेजा जाएगा या नहीं इसपर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। परन्तु इतना तो निश्चित है कि जिस भी विदेशी जमाती पर FIR दर्ज है। उन्हें उनके देश वापस नहीं भेजा जाएगा। उन्हें कब और कैसे उनके अपने देश भेजा जाएगा इस पर फैसला केवल मोदी सरकार करेगी।

इस मामले पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन की ओर से कहा गया कि हम भारतीय जमातियों को उनके घरों तक पहुँचाने के लिए अन्य राज्यों से बात कर रहे हैं और जहाँ तक बात विदेशी जमातियों की हैं कि उनको कब उनके देश भेजा जाएगा। इसपर दिल्ली सरकार नहीं केंद्र सरकार ही कोई फैसला करेगी। हमारे पास बस यह निर्देश हैं कि जिन विदेशी जमातियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है उन्हें देश नहीं छोड़ने दिया जाए। फिलहाल सभी जमाती क्वारंटाइन सेंटर में ही हैं।

गौरतलब है कि इलाज के लिए सभी पॉजिटिव जमातियों को 30 मार्च से ही अस्पताल भेजा दिया गया था। वहीं कुछ को क्वारंटाइन किया गया है। कुछ जमाती ऐसे भी थे जिन्हें मस्जिदों में ही क्वारंटाइन कर दिया गया था। इसमें विदेशी जमाती भी मौजूद थे। इनकी जिम्मेदारी का जिम्मा इलाके के लोगों और स्थानीय पुलिस को दिया गया था।

साथ ही जिन विदेशी जमातियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी उन्हें अब कानपुर, इलाहाबाद आदि जगहों पर जेल भेज दिया गया है। लेकिन जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं है उन्हें अभी क्वारंटाइन सेंटर या मस्जिद से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। अकेली दिल्ली में ही लगभग 4 हजार जमाती मौजूद हैं।