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मध्य प्रदेश में आदिवासी परिवार को किया गया टॉयलेट में क्वारेनटीन, तस्वीर वायरल

मध्यप्रदेश के गुना जिला के देवीपुरा गांव में सहारिया आदिवासी परिवार को एक स्कूल के टॉयलेट में क्वारेनटीन किया गया है। ये परिवार राजगढ़ जिले से लौटे थे। टॉयलेट में खाने की थाली के साथ परिवार के मुखिया भैया लाल की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस साथ छोड़ बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा, “यह गुना की एक तस्वीर है, जहां एक परिवार को टॉयलेट में क्वारेनटीन पर रखा गया है। जो लोग हर किसी मुद्दे पर सड़कों पर उतरने की धमकी देते थे। वो लोगों की नजरों से उतर गए हैं।”

पिछले महीने मार्च में सत्ता बदल गई। जब सिंधिया कांग्रेस को छोड़ बीजपी में शामिल हुए थे। तब कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई जिसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था। जिसके बीजपी ने वहां सरकार बनाई। बीजेपी के शिवराज सिंह चौहान फिर राज्य के मुख्यमंत्री बने। दरअसल, सिंधिया 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार केपी यादव से हारने से पहले संसद में गुना लोकसभा सीट का ही प्रतिनिधित्व करते थे। आरोप ये है कि भैया लाल सहारिया, अपनी पत्नी भूरी बाई और दो बेटों के साथ शुक्रवार शाम को अपने गांव देवीपुरा लौटे थे।

ग्रामीणों ने उन्हें तब तक गांव में घुसने से इनकार कर दिया जब तक कि इस पूरे परिवार का कोरोना वायरस टेस्ट नहीं हो जाता। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, परिवार को रात प्राइमरी स्कूल में बिताने के लिए कहा गया था। जब रविवार की सुबह स्वास्थ्य और जिला प्रशासन के अधिकारियों की एक टीम स्कूल पहुंची थी। इस टीम ने भैया लाल सहरिया को टॉयलेट के अंदर खाने की थाली के साथ देखा। टीम के एक सदस्य ने तस्वीर खींच कर स्वास्थ्य विभाग के निगरानी अधिकारियों को भेज दी। वही तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिला प्रशासन के तरसफ से स्पष्टीकरण में कहा गया है कि ग्रामीणों की ओर से गांव में प्रवेश से इनकार करने के बाद परिवार को एक स्कूल में रहने के लिए कहा गया था।

भैया लाल सहारिया ने स्कूल में शराब पीने के बाद अपनी पत्नी से झगड़ा किया था और अपनी खाने की थाली लेकर टॉयलेट में चला गया। उसी वक्त अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और तस्वीर क्लिक कर ली। स्कूल परिसर के अंदर परिवार के लिए उचित व्यवस्था की गई है और वो टॉयलेट के अंदर नहीं रह रहा है। यह बात जांच में सामने आने के बाद राघौगढ़ जनपद के सीईओ जितेंद्र सिंह धाकरे ने कहा कि मजदूर को शौचालय में क्वारेनटाइन नहीं किया गया था। फिर भी जांच के आदेश दिए गए हैं। अगर अफसर और अन्य लोग इसमें दोषी पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला सामने आने के बाद उन्हें स्कूल भवन ले जाया गया।