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तीन महीने की सैलरी EPF खाते से निकाल सकेंगे कर्मचारी, पर इन्हें नहीं मिलेगा लाभ

श्रम मंत्रालय मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन से जुड़ी अधिसूचना 28 मार्च को जारी कर दी। मंत्रालय के मुताबिक, कर्मचारी तीन महीने का मूल वेतन और महंगाई भत्ता या PF खाते में जमा कुल राशि के 75 फीसदी में से जो कम हो, उसे निकाल सकते हैं।

लेकिन करीब 20 पर्सेंट अस्थाई कर्मचारियों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन ने दावा करते हुए कहा है कि करीब 33 लाख अस्थाई कर्मचारी हैं। उनमें 20 पर्सेंट कर्मचारी प्रॉविडेंट फंड खाते से पैसे निकालने का लाभ नहीं उठा पाएंगे। इसका कारण बताते हुए कहा है कि इन लोगों के खाते में पिछले छह महीनों से पैसे नहीं डाले गए हैं।

आधार-UAN में गड़बड़ी तो निकासी नहीं

इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सुचिता दत्ता ने बताया, “जिन खातों के आधार-UAN नंबर के मिलान में विसंगतियां पाई गई है, EPFO उन्हें निकासी की इजाजत नहीं दे रहा है। करीब 20 पर्सेंट लाभार्थी अपनी रकम नहीं निकाल पाएंगे, जबकि उनकी सैलरी से यह रकम काटी जा चुकी है।”

UAN की अपील

स्टाफिंग फेडरेशन ने सेंट्रल प्रॉविडेंट फंड कमिश्नर सुनील बर्तवाल को एक पत्र लिखा है। इसमें उनसे कुछ समय के लिए बिना आधार लिंक के यूएएन नंबर जेनरेट करने की छूट देने की अपील की है, ताकि खाताधारक पैसे निकाल सकें। साथ ही संगठन ने उन खाताधारकों को भी ऑनलाइन निकासी की इजाजत देने को कहा है, जिनके खाते आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं। पत्र में कहा, “कुछ समय के लिए इसकी जगह किसी और डॉक्युमेंट प्रूफ पर विचार किया जा सकता है।”

FM ने क्या कहा था?

वैश्विक महामारी कोरोना से पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए सरकार ने 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया गया है। पैकेज का ऐलान करते वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पैकेज का ऐलान करते हुए कहा था कि कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा राशि का 75 पर्सेंट या अधिकतम तीन महीने की सैलरी (जो भी कम हो) निकाल सकते हैं। ईपीएफ अकाउंट से निकासी नॉन-रिफंडेबल होगी। दूसरा, सरकार अगले तीन महीने तक ईपीएफ खाते में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के हिस्से का पैसा खुद जमा करेगी।

6.6 लाख अस्थाई कर्मियों पर अधिक असर

करीब 6.6 लाख अस्थाई कर्मचारियों की औसत सैलरी 18,000 से 25,000 रुपये के बीच हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन कर्मचारियों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा क्योंकि इनकी सैलरी से PF के पैसे तो हर महीने काटे जा चुके हैं। लेकिन सही मिलान नहीं होने के चलते ये पैसे PF खाते की जगह मिसलेनियस खाते में जा रहे हैं। इसके चलते इन EPFO सब्सक्राइबर्स के PF खाते में जमा रकम कम है।