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सिंधिया को लगा वो राजनीतिक रूप से सेफ नहीं हैं इसलिए उठा लिया RSS का झंडा: राहुल गांधी

कांग्रेस का छोड़ बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर राहुल गांधी गुरुवार को खुलकर बोले। सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने पर राहुल गांधी ने जमकर सिंधिया पर निशाना साधा। सिंधिया पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि ये विचारधारा की लड़ाई है ज्योतिरादित्य की विचारधारा को मैं जानता हूं। उन्होंने अपनी विचारधारा जेब में रख ली है। मैं तो उनके साथ क्लास में था।

राहुल गांधी ने कहा कि यह विचारधारा की लड़ाई है राजनीतिक रुप से सिंधिया को लगा कि वो सेफ नहीं हैं। इसलिए उन्होंने आरएसएस का झंड़ा उठाया है। उन्होंने आगे कहा कि सिंधिया को बीजेपी में वो सम्मान नहीं मिलेगा, जो उन्हें कांग्रेस पार्टी में मिलता था। अपने पुराने मित्र पर बोलते हुए गांधी ने कहा मेरी पुरानी दोस्ती है उनके दिल में और मुंह में अलग-अलग चीजें है।

राहुल यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि ज्योतिरादित्य को अपने राजनीतिक भविष्य का डर लगा होगा। इसलिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ कर आरएसएस और बीजेपी को ज्वॉइन कर लिया। राहुल ने दावा किया कि सिंधिया कुछ समय बाद उन्हें इस बात का अंदाजा हो जाएगा कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ कितनी बड़ी गलती की है।

संसद परिसर में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैं सिंधिया को अच्छी तरह जानता हूं। उनकी विचारधारा को जानता हूं, वह मेरे साथ कालेज में थे। उन्हें अपने राजनीतिक भविष्य का डर लगा होगा। इसलिए उन्होंने अपनी विचारधारा को जेब में डाल कर आरएसएस के साथ चले गए।”

वही दूसरी तरफ सिंधिया के बीजेपी में जाते ही उनके पुराने केस की फाइल खुलने लगी है। ग्वालियर में एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सिंधिया ने एक संपत्ति के दस्तावेजों में हेरफेर कर 6,000 फुट की जमीन का हिस्सा शिकायतकर्ता को बेचा था। ईओडब्लयू के एक अधिकारी ने बताया, “हां, सुरेन्द्र श्रीवास्तव की शिकायत के तथ्यों को फिर से सत्यापित करने के आदेश दिए गए हैं।”

ईओडब्लयू की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुरेन्द्र श्रीवास्तव ने सिंधिया और उनके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने एक रजिस्ट्री दस्तावेज में हेरफेर कर वर्ष 2009 में ग्वालियर के महलगांव में 6,000 फुट जमीन उसे बेची। सिंधिया को निशाने बनाते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविकता है कि उन्हें वहां सम्मान नही मिलेगा। वह समझ जाएंगे। उनके दिल में जो है और मुंह से जो निकल रहा है, वो अलग अलग चीज है।

फिलहाल बीजेपी में शामिल होने के बाद सिंधिया को राज्यसभा का टिकट मिल गया है। लेकिन सिंधिया के बीजेपी में शामिल होते ही मध्यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। अब सवाल यह है कि क्या मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार फ्लोर टेस्ट में पास हो पाएगी या प्रदेश में दोबारा कमल खिलेगा।