ट्रंप के सामने क्या किम जोंग गिड़गिड़ाए थे

ट्रंप के वकील रूडी जूलियानी ने किम जोंग के बारे में दिया विवादित बयान। कहा किम अमेरीकी राष्ट्रपति के सामने ‘गिड़गिड़ाए’ थे

अगले हफ्ते अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई राष्ट्रपति किम जोंग-उन की प्रस्तावित बैठक से पहले एक और विवादित बयान यूएस की ओर से आया है। डोनाल्ड ट्रंप के वकील रूडी जूलियानी ने कहा है कि जब अमरीकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के साथ प्रस्तावित मुलाकात रद्द कर दी थी तो किम बहुत ‘गिड़गिड़ाए’ थे। ताकि मुलाकात रद्द न हो।
इसराइल में एक इन्वेस्टमेंट काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जूलियानी ने कहा कि ट्रंप की सख्ती के कारण ही उत्तर कोरिया अपना रुख बदलने पर मजबूर हुआ है। ट्रंप ने मई में उत्तर कोरिया पर ‘बहुत ज्यादा क्रोध और नफरत’ का आरोप लगाते हुए इस सम्मेलन से पीछे हटने का एलान किया था। मगर उत्तर कोरिया की मैत्रीपूर्ण गतिविधियों के बाद सिंगापुर में 12 जून को प्रस्तावित इस द्विपक्षीय वार्ता की तैयारियां पुनः पटरी पर लौट आई।
वाॅल स्ट्रीट जर्नल ने इस बारे में सबसे पहले रिपोर्ट दी। उस रिपोर्ट के मुताबिक जूलियानी ने कहा, ‘किम जोंग-उन घुटनों के बल आ गए। वह इसके लिए ‘गिड़गिड़ाए’ शब्द कहेंगे। जूलियानी राष्ट्रपति ट्रंप के वकील हैं। वह अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप की जांच के मामले को देख रहे हैं। उत्तर कोरिया की तरफ से जूलियानी की इस टिप्पणी पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस प्रस्तावित मुलाकात पर अमेरिका की ओर से पहले भी विवादित बयान आया है। जिससे दोनों राष्ट्राध्यक्ष की मुलाकात पर ग्रहण लगते-लगते बचा था। एक बार फिर ऐसा ही विवादित बयान आया है। अब उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया का इंतजार है। मई में इस सम्मेलन के होने की संभावनाएं उस समय लगभग खत्म सी हो गई थीं, जब अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जाॅन बाॅल्टन ने उत्तर कोरिया की परिस्थितियों की तुलना लीबिया के साथ की थी।
उस बयान से उत्तर कोरिया नाराज हो गया था। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री ने उस बयान पर नाराजगी भरा बयान जारी किया था। बाद में ट्रंप ने अपने सलाहकार की टिप्पणी से दूरी बना ली थी। बाॅल्टन ने कहा था कि प्योंगयांग का निशस्त्रीकरण ‘लीबिया माॅडल’ पर हो सकता है। इससे उत्तर कोरिया चिंतित हो उठा क्योंकि कर्नल गद्दाफी की पश्चिम समर्थित विद्रोहियों द्वारा हत्या के बाद ही लीबिया का परमाणु कार्यक्रम खत्म हो पाया था।

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