प्रधानमंत्री और खेलमंत्री से मिली सिंधु
भारत की पहली विश्व बैडमिंटन चैंपियन पीवी सिंधु का देश लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने भी वादा किया कि वह अधिक से अधिक पदक जीतने के लिए आगे और कड़ी मेहनत करेगी। सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को रविवार 25 अगस्त को एकतरफा अंदाज में 21-7, 21-7 से हराकर विश्व बैडमिंटन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा। सिंधु विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। पीवी सिंधु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेलमंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधू के साथ अपनी मुलाकात के फोटो अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर किए। पीएम मोदी ने फोटो के साथ कैप्शन लिखा, ‘भारत का गौरव, एक चैंपियन जो गोल्ड और बहुत सारी खुशी घर लेकर लौटी। पीवी सिंधू से मिलकर खुशी हुई। उन्हें बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।’
इससे पहले सिंधू ने खेल मंत्री कीरेन रीजीजू से मुलाकात की थी। रीजीजू ने ट्वीट किया, ‘मानद पीवी सिंधू जिन्होंने इतिहास रचा और भारत को गौरवान्वित किया। उन्होंने पहली बार विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में खिताब जीता। भारत के लिए और मेडल लाने के लिए सिंधू को मेरी शुभकामनाएं।’ 24 वर्षीया सिंधू सुबह दिल्ली पहुंची। उनका एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ। 
पीवी सिंधु पिछले दो साल विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में हारी थीं, लेकिन इस बार उन्होंने कोई चूक नहीं की और जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए ओकुहारा को लगातार गेमों में पराजित कर दिया। ओलंपिक रजत विजेता सिंधु का विश्व चैंपियनशिप में यह पांचवा पदक है। वह इससे पहले दो रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं। पांचवीं सीड सिंधु ने तीसरी सीड ओकुहारा को 38 मिनट में पराजित कर भारत में जश्न का माहौल पैदा कर दिया।
इस जीत का लंबे समय से इंतजार था और मैं इससे बहुत खुश हूं।” इस हैदराबादी को विश्व चैंपियन बनने के बाद विश्राम का कम समय मिला। आज वह खेल मंत्री कीरेन रीजीजू से मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने जाएंगी। विश्व की नई चैम्पियन भारतीय महिला बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब भावुक नजर आ रही हैं।
सिंधु ने ट्विटर पर लिखा, “राष्ट्रीय गान बजते और भारतीय तिरंगा को लहराता देख मैं अपने आसुंओं को रोक न सकीं। विश्व चैम्पियनशिप में खिताब जीतने के बाद मैं अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मैंने इसके लिए बहुत तैयारी की थी।” सिंधु को 2016 के रियो ओलंपिक में रजत, 2017 की विश्व चैंपियनशिप में रजत, 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और 2018 की विश्व चैंपियनशिप में भी रजत पदक मिला था लेकिन उन्होंने इस बार अपने पदक का रंग बदलते हुए उसे पीला कर दिया। सिंधु का 2019 में यह पहला खिताब है और यह खिताब भी उन्हें विश्व चैंपियनशिप में मिला जिसका भारत को कई वर्षों से इंतजार था। सिंधु ने फाइनल में जो प्रदर्शन किया वह बेमिसाल था और इस प्रदर्शन को लंबे अरसे तक याद रखा जाएगा। इस तरह भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में 25 अगस्त 2019 का दिन स्वणर्क्षरों में दर्ज हो गया। सिंधु का कहना है कि अब मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक हासिल करना है। मैं विश्व चैंपियनशिप की सफलता को ओलंपिक में भी दोहराना चाहती हूं।’
