भारत की नजर क्लीन स्वीप पर 

विश्व कप की सरगर्मी के बाद भारत के विदेशी  दौरे में  वेस्टइंडीज से करेगी। वेस्टइंडीज से कर रही है। इस दौरान भारत के सामने कई चुनौतियां होंगी।भारत के इस दौरे में पहले टी ट्वेंटी सीरीज में विजयी बढ़त बनाने के बाद भारत आज मंगलवार 6 अगस्त  को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम टी-20 क्रिकेट मैच में नए प्रयोग करने के इरादे से उतरेगा, जबकि वेस्टइंडीज सूपड़ा साफ होने से बचाने का प्रयास करेगा। भारत ने दो मैचों के अमेरिकी चरण का अंत सीरीज में 2-0 की जीत के साथ किया। शनिवार को चार विकेट से जीत हासिल करने के बाद भारत ने रविवार को दूसरा मैच डकवर्थ लुईस पद्धति के तहत 22 रन से जीता था ।

पहले मैच में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली नहीं था, लेकिन दूसरे मैच में विराट कोहली और उनकी टीम ने पूरी तरह से दबादबा बनाए रखा। भारत बल्लेबाजी क्रम में संभवत: अधिक बदलाव नहीं करेगा, लेकिन गेंदबाजों में नए संयोजन को आजमाया जा सकता है। कप्तान विराट कोहली ने रविवार को जीत दर्ज करने के बाद कहा, ”सीरीज जीतने से हमें कुछ खिलाड़ियों को आजमाने का मौका मिलेगा। सबसे पहले जीतने का प्रयास किया जाता है लेकिन पहले दो मैच जीतने के बाद हमें टीम में नए  प्रयोग का मौका मिलता है।

हालकि भारत अधिक बदलाव नहीं करेगा लेकिन गेंदबाजों में नए संयोजन को आजमाया जा सकता है। मध्यक्रम में जूझ रहे ऋ षभ पंत की जगह अगर अंतिम एकादश में लोकेश राहुल को मौका मिलता है तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। दिल्ली का यह युवा विकेटकीपर बल्लेबाज पहले दो मैचों में शून्य और चार रन की पारियां ही खेल पाया था। कप्तान कोहली ने पंत का काफी समर्थन किया है और यह देखना रोचक होगा कि 21 साल के इस उभरते हुए खिलाड़ी को एक और मौका मिलता है या नहीं।

 भारत के सलामी जोड़ी रोहित शर्मा और शिखर धवन को आराम दिए जाने की संभावना नहीं है। अंगूठे में फ्रेक्चर के कारण विश्व कप के बीच से बाहर हुए धवन पहले दो मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाए और वह एकदिवसीय  और टेस्ट मैचों से पहले रन बनाने के लिए बेताब होंगे। संभावना है कि युवा तेज गेंदबाज नवदीप सैनी की जगह लेग स्पिनर राहुल चाहर को मौका दिया जा सकता है। राहुल के चचेरे भाई दीपक चाहर को भी अंतिम एकादश में मौका मिल सकता है और इसके लिए रविंद्र जडेजा को आराम दिया जा सकता है। वेस्टइंडीज की जमीन पर दोनों टीमों के बीच अब तक तीन टी-20 मुकाबले खेले गए हैं। जिसमें टीम इंडिया ने सिर्फ एक ही मैच 2011 में जीता था। दो मुकाबलों में विंडीज ने जीत दर्ज की।

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