ÓñàÓñ©ÓÑìÓñ¬ÓññÓñ¥Óñ▓ Óñ«ÓÑçÓñé Óñ©ÓÑüÓñÁÓñ┐ÓñºÓñ¥ÓñôÓñé ÓñòÓÑÇ ÓñòÓñ«ÓÑÇ Óñ¼Óñ░Óñ©Óñ¥Óññ Óñ«ÓÑçÓñé ÓñëÓñ½Óñ¿ÓññÓÑç Óñ¿Óñ¥Óñ▓ÓÑç Óñ©ÓÑç ÓñùÓÑüÓñ£Óñ░Óñ¿ÓÑç ÓñòÓÑï Óñ¼ÓÑçÓñ¼Óñ© ÓñùÓÑìÓñ░Óñ¥Óñ«ÓÑÇÓñú ÓñÁÓñ┐ÓñºÓñ¥Óñ»Óñò ÓñòÓÑç ÓñåÓñÁÓñ¥Óñ© ÓñòÓÑï Óñ£Óñ¥Óñ¿ÓÑç ÓñÁÓñ¥Óñ▓ÓÑç Óñ«Óñ¥Óñ░ÓÑìÓñù Óñ¬Óñ░ Óñ¿Óñ¥Óñ▓Óñ¥ ÓñûÓñ©ÓÑìÓññÓñ¥Óñ╣Óñ¥Óñ▓ ÓñòÓñ¥ÓñéÓñíÓñ¥ ÓñòÓÑÇ ÓñòÓñÜÓÑìÓñÜÓÑÇ Óñ©ÓÑ£Óñò ÓñÁÓñ┐ÓñºÓñ¥Óñ»Óñò Óñ¬Óñ¥Óñ░ÓÑìÓñÁÓññÓÑÇ ÓñªÓñ¥Óñ© Óñ©ÓñéÓñù Óñ¬ÓÑüÓññÓÑìÓñ░ Óñ¡Óñ¥Óñ©ÓÑìÓñòÓñ░ ÓñªÓñ¥Óñ©

बागेश्वर विधानसभा 2025 – विधायक रिपोर्ट कार्ड

 
विधायक: पार्वती दास (अवधि: 3 वर्ष, 1 कार्यकाल)

क्र. क्षेत्र                                               मुद्दा/जमीनी स्थिति अंक          (10 में)

1. सड़कें व कनेक्टिविटी (कांडा, कंसारी, गरुड़, गागरीगोल) नगर में कुछ सुधार, पर कई गांवों में सड़कें अधूरी, जर्जर और खतरनाक 5/10
2. शहरी प्रबंधन (बाजार, पार्किंग, ट्रैफिक, शौचालय) अस्पताल के पास रोज जाम, पार्किंग शून्य, सार्वजनिक शौचालय बदहाल 3/10
3. स्वास्थ्य सेवाएं (बैजनाथ सीएचसी, जिला अस्पताल रेफर) डिलीवरी, अल्ट्रासाउंड उपलब्ध, लेकिन स्टाफ व संसाधन की कमी”; बार-बार रेफर 6/10
4. आपदा प्रबंधन व सुरक्षा (नाले, पुलिया, बरसाती खतरे) गांवों में खतरनाक नाले, बरसात में बच्चों को कंधे पर पार कराना पड़ता है 2.5/10
5. शिक्षा व्यवस्था (सरकारी स्कूल, शिक्षक, पलायन) शिक्षक नहीं, बच्चे घटते जा रहे, मजबूरी में प्राइवेट स्कूल 4/10
6. खेल व युवा (मैदान, अवसर, पलायन) खेल सुविधाएं ना के बराबर, रोजगार न होने से युवा बाहर 2/10
7. पर्यटन व धार्मिक विकास (मंदिर, सरयू, बागनाथ) मंदिरों पर खर्च, लेकिन पर्यटन-सड़क-व्यवस्था का कोई ठोस विजन नहीं 4/10
8. कृषि, सिंचाई व ग्रामीण अर्थव्यवस्था जंगली जानवरों से खेती तबाह, सिंचाई की भारी दिक्कत 2/10
9. प्रशासनिक व्यवस्था व निगरानी ‘हर घर नल’ कागजों में, जमीन पर पानी नहीं; शिकायतों पर कार्रवाई नहीं 2.5/10
10. नेतृत्व, मौजूदगी व जवाबदेही उपचुनाव के बाद गांवों में बहुत कम दौरों का आरोप 3/10
कुल औसत: 3.4/10 फाइनल ग्रेड: फेल

‘तीव्र गति से गतिमान हैं विकास कार्य’
 
बागेश्वर विधानसभा में चल रहे विकास कार्यों, जनता की अपेक्षाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर ‘दि संडे पोस्ट’ संवाददाता कंचन आर्या ने विधायक पार्वती दास से बातचीत का प्रयास किया लेकिन विधायक महोदया से समय नहीं मिल पाया। विधायक के पुत्र भास्कर दास, जो विधायक के कार्यों में सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं, संग हमारी संवाददाता ने बातचीत की

आप अपने लगभग पौने चार साल के कार्यकाल का आकलन किस तरह करते हैं?

हमारे पिताजी स्व. चंदन राम दास जी ने जो काम अपने कार्यकाल में स्वीकृत कराए थे उनको पूरा करने का कार्य माननीय विधायक पार्वती दास जी कर रही हैं। अभी जो हमारे क्षेत्र में बड़े कार्य चल रहे हैं, उनमें बागेश्वर में एक जिला अस्पताल जो 170 बेड का स्वीकृत हुआ था। उसका ट्राॅमा सेंटर जो है जिसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मार्च में किया जाना प्रस्तावित है। 170 बेड के अस्पताल का संचालन जल्द ही पूरा होने जा रहा है। हमारे क्षेत्र में युवा वर्ग के लिए एक स्टेडियम का निर्माण करीब  85 करोड़ की लागत से बनने जा रहा है। भूमि उपलब्ध होते ही उसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 

बागेश्वर और गरुड़ के दूर क्षेत्र आज भी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित है। चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी है और मरीज को प्राथमिक उपचार मिलने में भी परेशानी होती है?

गरुड़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक वास्तविक समस्या है और डाॅक्टरों के अभाव को हम  स्वीकार करते हैं। वर्तमान समय में कई पद खाली हैं लेकिन राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही स्थिति सुधरेगी क्योंकि मेडिकल काॅलेजों से कई पीजी डाॅक्टर पास आउट  होंगे। उम्मीद है कि जनवरी से मार्च के बीच नए डाॅक्टर उपलब्ध हो जाएंगे जिससे गरुड़ क्षेत्रों की चिकित्सकीय व्यवस्था को राहत मिलेगी।  सीएचसी गरुड़ (स्वास्थ्य केंद्र) को उपजिला चिकित्सालय में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव शासन में लम्बित है और अब उसे पूरा करने की दिशा में तेजी से प्रयास किया जा रहा है। जमीन की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक मानकों को पूरा कर लिया गया है और अगले वर्ष गरुड़ में उपजिला चिकित्सालय स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

जहां एक ओर सड़कों की स्थिति आज भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है और कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी की शिकायतें सामने आती हैं, साथ ही वहीं माननीय विधायक पार्वती दास के आवास मार्ग पर स्थित नाले में लगातार कूड़ा-कचरा और घरों-दुकानों का अपशिष्ट बहाया जा रहा है। यह वही नाला है जो अस्पताल क्षेत्र से होकर राधा-कृष्ण मंदिर के पीछे से सरयू नदी में पहुंचता है और यही गंदा पानी आगे बाबा बैजनाथ के जलाभिषेक में उपयोग होने वाली सरयू में मिलता है। इस गम्भीर स्वच्छता समस्या पर अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? और इस पर प्रशासन से कब तक कार्यवाही सुनिश्चित होगी?

माननीय विधायक पार्वती दास जी का प्रमुख लक्ष्य इस वर्ष काफीली-गैर क्षेत्र में महाविद्यालय की स्थापना करना है। अब विधायक जी, माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री द्वारा नए महाविद्यालय का उद्घाटन इसी वर्ष किया जाएगा जो क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी सौगात होगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज 4 में बागेश्वर की करीब 40 सड़कें शामिल की गई हैं। इनमें से लगभग 12 सड़कों के टेंडर पूरे हो चुके हैं और अगले डेढ़ महीने में उनका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। विधायक जी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट 80-90 करोड़ की लागत से बनने वाली ‘सीवर लाइन’ योजना है जो बागेश्वर के लिए बेहद जरूरी है। इसी प्रकार हमारे पास एक नगर पेयजल योजना आ गई है तो पानी के मानकों को पूरा करने के लिए नगर पेयजल योजना बनी हुई है। तो इसके बनने के बाद 160 करोड़ का पूरे बागेश्वर का बेहद एक इस्टीमेट भारत सरकार के पास गया है। जैसे ही वह स्वीकृत होकर आता है सीवर लाइन का निर्माण शुरू हो जाएगा। जो यह गंदगी की समस्याएं है इस विषय पर हम नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल जी के साथ मिलकर काम करेंगे। अभी कुछ समय से हमारे नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी नहीं थे। अब उनकी नियुक्ति हो चुकी है तो इस गंदगी का जो विषय है उसको हम उनके सम्मुख रखकर इसे समाप्त करने का प्रयास करेंगे।

पीएम आवास योजना से जुड़े मामलों में भी समस्या आ रही है?

मुख्य समस्या भूमि नामांतरण की है। मकान स्वीकृत होने के लिए कुछ मानक तय हैं सबसे पहले जमीन आपके नाम पर होनी चाहिए। कई लोग शिकायत करते हैं कि उन्हें मकान नहीं मिल पा रहा है लेकिन जब जांच की जाती है तो पता चलता है कि भूमि उनके नाम पर नहीं है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यह समस्या अधिक है। यहां अधिकतर जमीन पट्टे वाली होती है और नामांतरण न होने के कारण लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता। हालांकि सरकार इस दिशा में भी प्रयास कर रही है कि जो भूमिहीन लोग वर्षों से सरकारी जमीनों पर रह रहे हैं, उनकी स्थिति का समाधान कैसे किया जाए और किस प्रकार उचित पात्रता के आधार पर उन्हें स्थायी अधिकार दिए जा सकें। ‘‘नियमों के अनुसार जो पात्र होगा, जो उस दायरे में आएगा, उसे मकान अवश्य मिलेगा। माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विधायक जी, सभी का यही प्रयास है कि हर पात्र व्यक्ति को आवास योजना का लाभ मिले लेकिन इसके कुछ निर्धारित मानक हैं जिन्हें पूरा करना जरूरी है।’’

आपने जो चुनाव लड़ते वक्त 2022 में जनता से वादे किए थे उनको आप पूरा करने में सफल रहे हैं?

बागेश्वर विधानसभा में जल भराव की समस्या का समाधान जल्द होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कुंती और डूंगाढ़ गधेरे के लिए 8.45 करोड़ का प्रावधान किया है। चुनाव के समय जो हमारा एक वादा था कि हम लोग जिला अस्पताल बनाएंगे। उसका ट्रामा सेंटर का काम मार्च से शुरू होगा। कुछ सरकारी प्रक्रियाओं के कारण इसमें समय लग रहा है। बागेश्वर नगर के लिए एक बहुत बड़ा मुद्दा कुंती गधेरा और डूंगाढ़ गधेरा का जलभराव था, जिससे कई बार लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस समस्या के लिए हम क्षमा प्रार्थी भी हैं। इस बार राज्य सरकार और माननीय मुख्यमंत्री जी ने हमारे आपदा मद में डूंगाढ़ गधेरे के लिए करीब (2 करोड़ रुपए) की व्यवस्था की है जबकि कुंती गधेरे के लिए लगभग (6.45 करोड़ रुपए) का प्रस्ताव गया हुआ है। इन योजनाओं को जल्द ही मुख्यमंत्री आपदा प्रबंधन मद से स्वीकृत किया जाएगा और इस वर्ष ही क्षेत्र में जलभराव की समस्या का निस्तारण किया जाएगा।