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64 दिन बाद अमित शाह ने की मुख्यमंत्रियों से बात, ज्यादातर लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में

कोरोना काल में 64 दिनों के बाद देश के गृह मंत्री अमित शाह पहली बार सामने आए हैं। अमित शाह ने लॉकडाउन-4 के वर्तमान हालात पर बातचीत की। गृह मंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 31 मई के बाद लॉकडाउन पर उनके राज्यों की क्या राय है और आगे वह क्या सोचते हैं इसपर उनके विचार जाने।

याद रहे कि लॉकडाउन-4 की अवधि 31 मई को खत्म हो रही है। तो ऐसे में क्या देश में लॉकडाउन-5 लागू होगा या नहीं होगा फिलहाल सबकी नजर इस पर है। ऐसा पहली बार हुआ है जब गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा देश के मुख्यमंत्रियो से बात की गई है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ही वीडियों कांफ्रेस के जरिए मुख्यमंत्रियो की राय जानते थे।

हालांकि, सरकार का लॉकडाउन -5 पर मंथन जारी है। लॉकडाउन-4 के खत्म होने के पहले ही लॉकडाउन-5 की आहट सुनाई देने लगी है। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात करेंगे। मन की बात में पीएम मोदी बहुत कुछ साफ कर सकते हैं। वैसे सूत्रों का यही कहना है कि दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन का बढ़ना लगभग तय है। लॉकडाउन 15 जून तक बढ सकता है।

इसके मद्देनजर सरकार ज्यादा छूट देकर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश करती दिख रही है। लेकिन जो जिले कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं उन्हें इस बार भी राहत मिलने की उम्मीद कम है। सूत्रों बता रहे हैं कि लॉकडाउन-5 में 11 शहरों पर सख्ती जारी रहेगी। ये वो शहर हैं जहां कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है।

जिन शहरों में पाबंदी जारी रह सकती है वह दिल्ली, मुंबई, बैंगलुरू, पुणे, ठाणे, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, सूरत और कोलकाता हैं। इन 11 शहरों में भारत में कुल कोरोना संक्रमित केस के 70 फीसदी मामले मिले हैं, जबकि अहमदाबाद, दिल्ली, पुणे, कोलकाता और मुंबई में ये और खतरनाक है।यहां देश के कुल मरीजों के 60 फीसदी लोग पाए गए हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से टेलीफोन पर बात की और उनसे लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने पर उनके विचार जाने। गृहमंत्री अमित शाह ने इस बातचीत के दौरान राज्यों के रेड जोन व कंटेनमेंट जोन वाले क्षेत्रों का हाल जाना और इन क्षेत्रों को लेकर मुख्यमंत्रियों से उनके विचार जाने।

एक जून के बाद किन क्षेत्रों को खोला जा सकता है और कहां ज्यादा पाबंदी लगाने की जरूरत है, इस बारे में भी उनसे राय ली गई। फिलहाल मुख्यमंत्रियों की राय का पता नहीं लग पाया है, लेकिन यह समझा जा रहा है कि उनमें से अधिकतर लॉकडाउन जारी रखने के पक्ष में हैं।