TikTok ÓñöÓñ░ WhatsApp ÓñòÓÑï Óñ¬ÓÑÇÓñøÓÑç ÓñøÓÑïÓÑ£Óñ¿ÓÑç ÓñÁÓñ¥Óñ▓ÓÑç ZOOM ÓñÉÓñ¬ ÓñòÓÑç 5 Óñ▓Óñ¥Óñû ÓñàÓñòÓñ¥ÓñëÓñéÓñƒ Óñ╣ÓÑêÓñò

TikTok और WhatsApp को पीछे छोड़ने वाले ZOOM ऐप के 5 लाख अकाउंट हैक

कोरोना के कारण पूरे देश में लॉकडाउन है। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन की समयसीमा 3 मई तक और बढ़ा दी गई है। जिसके चलते सभी काम लगभग बंद हैं। इस स्थिति में कई कॉलेज, स्कूल और कोचिंग सेंटर्स वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। इस ऐप के माध्यम से ही ऑनलाइन कक्षाएं ली जा रही है जिसके कारण ज़ूम ऐप की डाउनलोडिंग में काफी इजाफा देखने को मिला। लेकिन हर एप्लीकेशन में प्राइवेसी को लेकर हर कोई चिंतित रहता है। इसलिए ज़ूम ऐप भी हाल में प्राइवेसी को लेकर विवादों में आ गया था। एक बार फिर बड़ी संख्या में डाउनलोड होने वाला यह ऐप विवादों में है।

5 लाख अकाउंट हैक

ज़ूम ऐप के विवादों में आने के बाद गूगल और टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने सभी वर्कर्स को इस ऐप के इस्तेमाल से मना कर दिया है। इस बीच ऐप को लेकर एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। खबर के अनुसार, जूम ऐप के पांच लाख अकाउंट हैक हो गए हैं। हैक हुए अकाउंट का डाटा डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। ये दावा ब्लीपिंग कंप्यूटर की ओर से अपनी एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ज़ूम ऐप इस्तेमाल करने वाले पांच लाख अकाउंट को हैक कर लिया गया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि यह डाटा डार्क वेब को सौंपा जा रहा है। जो भी जूम ऐप यूजर्स हैं उनका डाटा हैकर्स फॉर्म पर बिक रहा है। जूम ऐप को लेकर पहले भी एक अप्रैल को साइबर सिक्योरिटी फर्म साइबर ने जानकारी दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, डार्क वेब पर ज़ूम ऐप यूजर्स का डाटा मामूली कीमत $0.0020 यानी करीब 0.15 प्रति अकाउंट बिक रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह हैकिंग बकायदा पासवर्ड और आईडी के जरिए हुई है जिसका साफ मतलब है कि हैकर्स को इसके बारे में पहले से खबर थी।

जो डाटा हैकर्स को प्राप्त हुआ, उनमें ई-मेल आईडी, पासवर्ड, मीटिंग का यूआरएल और होस्ट की जानकारियां शामिल हैं। हैक हुए 5 लाख अकाउंट में से 290 अकाउंट कॉलेज और यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक जिन यूजर्स का डाटा लीक हुआ है उनमें यह यूनिवर्सिटी ऑफ वर्मोंट, डार्टमाउथ, लाफयेते, फ्लोरिडा विश्वविद्यालय, कोलोराडो विश्वविद्यालय और सिटीबैंक जैसी कंपनियों के नाम सम्मिलित हैं।

क्या है ज़ूम ऐप

बता दें कि भारत में लॉकडाउन के चलते हाल ही में वीडियो कांफ्रेंस ऐप ज़ूम ने व्हाट्सऐप और टिकटॉक को पछाड़ते हुए प्ले स्टोर में नंबर-1 फ्री ऐप की जगह बना ली थी। भारत में इस ऐप  को 5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया है। अधिकतर लोग घरो से इस ऐप के माध्यम से ही एक दूसरे से सम्पर्क में हैं।

लॉकडाउन होते ही इस ऐप की डाउनलोडिंग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। क्योंकि इस ऐप के माध्यम से एक साथ 100 लोग वीडियो चैटिंग कर सकते है। साथ ही यह एक फ्री एचडी मीटिंग ऐप है। इसकी सबसे खास बात है इसकी आसान यूजर इंटरफेस। साथ ही ज़ूम पर कई और बेहतरीन फीचर्स भी उपलब्ध हैं। जिन्हें इस ऐप को यूजर्स के बीच लोकप्रिय बना दिया। इसके अलावा ऐप में 40 मिनट की ग्रुप कॉलिंग और वन-टू-वन मीटिंग की भी सुविधा भी लाजवाब है। लेकिन अब डाटा लीक होने के बाद जूम ऐप की मुश्किलें बढ़ सकती है।