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कोरोना संकट के बीच आज से 10 बैंकों का हुआ विलय, अब इन 6 बैंकों का अस्तित्व खत्म

एक तरफ कोरोना वायरस के चलते अर्थव्यस्था का बूरा हाल है। दूसरी तरफ देश में विश्व स्तर के बड़े बैंक बनाने की दिशा में सरकार ने पहल शुरू कर दी है। एक अप्रैल यानी आज बुधवार से सार्वजनिक क्षेत्र के छह बैंकों का अलग-अलग चार बैंकों में विलय हो जाएगा।

ऐसा अनुमान है कि अगले तीन साल के दौरान इस विलय ये बैंकों को 2,500 करोड़ रुपये का लाभ होगा। यह विलय ऐसे समय में हो रहा है जब पूरे देश में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए 21 दिन के लिए संपूर्ण लॉकडाउन जारी है। ये लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चलेगा।

विलय किन-किन बैंको का होगा?

सरकार के बैंकों विलय योजना के तहत ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में विलय किया गया है। वहीं आंध्र बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में, सिंडीकेट बैंक का केनरा बैंक में और इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय किया गया है। इस विलय के पूरा होने के बाद सरकारी क्षेत्र में सात बड़े और पांच छोटे बैंक रह जाएंगे।

अब बेचेंगे 12 सरकारी बैंक

–   पंजाब नेशनल बैंक+यूनाइटेड बैंक+ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (पंजाब नेशनल बैंक)
–   केनरा बैंक+सिंडिकेट बैंक (केनरा बैंक)
–   इंडियन बैंक+इलाहाबाद बैंक (इंडियन बैंक)
–   यूनियन बैंक+आंध्रा बैंक+कॉरपोरेशन बैंक (यूनियन बैंक)
–   बैंक ऑफ इंडिया
–   बैंक ऑफ बड़ौदा
–   बैंक ऑफ महाराष्ट्र
–   सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
–   इंडियन ओवरसीज बैंक
–   पंजाब एंड सिंध बैंक
–   भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई)
–   यूको बैंक

देश में 2017 तक थे 27 सरकारी बैंक

देश में साल 2017 तक सार्वजनिक क्षेत्र के 27 बैंक परिचालन में थे। वहीं आज से देश में सरकारी बैंकों की संख्या 18 से घटकर 12 रह जाएगी।
ऐसा नहीं है कि देश में बैंक विलय पहली बार हो रहा है। पिछले वित्त वर्ष में देना बैंक और विजय बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय किया गया। इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक में उसके सभी सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय किया गया। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद का विलय देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक में 1 अप्रैल 2017 को हुआ था।