जो कहते थे नहीं बिकने दूंगा देश, वही बेच रहे हैं 28 कंपनियां
वो लूट रहे हैं सपनों को / मैं चैन से कैसे सो जाऊँ / वो बेच रहे अरमानों को / खामोश मैं कैसे हो जाऊँ / हाँ मैंने कसम उठाई … Read More
वो लूट रहे हैं सपनों को / मैं चैन से कैसे सो जाऊँ / वो बेच रहे अरमानों को / खामोश मैं कैसे हो जाऊँ / हाँ मैंने कसम उठाई … Read More