‘बायो डिटेक्शन’ के काम आ रहे हैं श्वान

स्निफर डॉग्स का इस्तेमाल अब तक केवल सेना व पुलिस द्वारा बमों, संदिग्ध वस्तुओं व व्यक्तियों, पहाड़ों पर बर्फ में दबे लोगों को ढूंढ खोजने आदि जरुरी कामों में होता आया है। लेकिन अब अमेरिका में स्निफर डॉग्स कोरोना पॉजिटिव लोगों को भी पहचान पाएंगे। ये डॉग्स पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं।

माना जाता है इंसानों से अधिक सूंघने की शक्ति ईश्वर ने श्वानों को दी है। देखा भी जाता है कि डॉग्स इंसान को बचाने के लिए अपनी जान गंवा देते हैं। होने वाली अनहोनी का भी वह पहले ही संकेत देते हैं। अमेरिका के ये खोजी श्वान (sniffer dogs) वैश्विक महामारी कोरोना से संक्रमित किसी व्यक्ति की पहचान सूंघ कर कर सकते हैं।

अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं तो आपको कोरोना वायरस की पुष्टि करने के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि अमेरिका के प्रशिक्षित डॉग्स सूंघकर पहचान सकते हैं कि कोई कोरोना पॉजिटिव है या नहीं।

क्या है बायो डिटेक्शन ?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में कैंसर, डायबिटीज और पार्किंसन जैसी बीमारियों की पहचान के लिए खोजी कुत्तों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को ‘बायो-डिटेक्शन’ या बायोलॉजिकल जांच कहते हैं।

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