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BJP के कद्दावर नेता MP के राज्यपाल लालजी टंडन नहीं रहे

भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के करीबियों में गिने जाने वाले वरिष्ठ नेता लालजी टंडन का आज सुबह निधन हो गया। कई दिनों से उनका इलाज लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल में चल रहा था। उनके निधन की सूचना उनके बेटे आशुतोष टंडन ने ट्वीट के जरिए दी। टंडन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने श्रद्धांजलि दी है।

लालजी टंडन फिलहाल मध्यप्रदेश के राज्यपाल थे। पिछले करीब 1 महीने से उनको पेशाब के रास्ते में दिक्कत थी। जिसके चलते उनको हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। कई दिन पूर्व गंभीर स्थिति होने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया था। जहां आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। मेदांता हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ राकेश कपूर ने बताया की आज सुबह 5:35 पर लालजी टंडन जी का स्वर्गवास हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख जताया है। अपने ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि श्रीलाल जी टंडन संवैधानिक मामलों के अच्छे जानकार थे। उन्होंने अटल जी के साथ लंबे और करीबी संबंध का आनंद लिया। दुख की इस घड़ी में श्री टंडन के परिवार और शुभचिंतकों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।

इसी के साथ गृहमंत्री अमित शाह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लालजी टंडन के निधन पर दुखद संदेश लिखा है।उन्होंने लिखा है कि एक जनसेवक के रूप में श्री लालजी टंडन जी ने भारतीय राजनीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उनका निधन देश और भाजपा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूँ एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूँ।

गौरतलब है कि वर्ष 1978 से 1984 और 1990 से 96 तक लालजी टंडन दो बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे। 19991 से 92 की उत्तर प्रदेश सरकार में वह मंत्री भी बने। इसके बाद लालजी टंडन 1996 से 2009 तक लगातार तीन बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। 1997 में फिर से वह नगर विकास मंत्री बने। वर्ष 2009 में उन्होंने रीता बहुगुणा जोशी को लखनऊ से हराया था। फिलहाल वह मध्यप्रदेश के राज्यपाल थे।