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कानपुर कांड में SIT का हुआ गठन, IAS संजय भूसरेड्डी की टीम करेगी जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर कांड की जांच के आदेश दे दिए हैं। 3 जुलाई को मारे गए आठ पुलिसकर्मियों के साथ ही गैंगस्टर विकास दुबे का इनकाउंटर और उसके साथ किन-किन लोगों के संबंध थे और उन संबंधों के बल पर कहां कहां कितने अवैध कब्जे किए गए। इसकी भी जांच की जाएगी। साथ ही जांच का विषय यह भी होगा कि गैंगस्टर विकास दुबे का पुलिस से कितना संपर्क था और वह किस-किस के संपर्क में रहा।

इसी के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के आर्थिक साम्राज्य की ईडी जांच करेगी। ईडी इस जांच के दौरान जहां विकास दुबे और उसके सहयोगियों की चल-अचल संपत्ति के बारे में पता करेगी। वहीं इस बात की भी जांच होगी कि वे कौन से फाइनेंसर थे जो विकास दुबे और उसके गैंग को आर्थिक तौर पर मजबूत कर रहे थे।

शासन ने इस बाबत बकायदा एसआईटी का गठन किया है। जिसका अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस संजय भूसरेडी को बनाया गया है। संजीव भूसरेड्डी वर्तमान में प्रदेश में अपर मुख्य सचिव है। टीम द्वारा यह जांच 31 जुलाई तक कंप्लीट करके शासन को देनी है।

अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी के अनुसार इस संबंध में अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। अवस्थी ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक हरिराम शर्मा और पुलिस उपमहानिरीक्षक जे रवीन्द्र गौड़ को एसआईटी का सदस्य नामित किया गया है।