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भारत ने बनाया कोविड-19 वैक्सीन, ICGI से मिली मानव परीक्षण की इजाजत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन के बाद से लगातार देश को संबोधित कर रहे हैं। एकबार फिर उन्होंने आज राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने जानकारी दी कि स्वदेशी कोविड-19 टीके को भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से मानव पर परीक्षण की अनुमति मिल गई है।

भारत बायोटेक ने ‘कोवैक्सिन’ नामक टीके का विकास भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के साथ मिलकर विकसित किया है। इस टीके का अगले महीने से पहले और दूसरे चरण का परीक्षण शुरू किया जाएगा। एक बयान में कंपनी ने कहा कि टीके के विकास में आईसीएमआर और एनआईवी का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक, अपनी रिलीज में भारत बायोटेक ने कहा कि कंपनी द्वारा वैक्सीन के प्री-क्लीनिकल अध्ययनों के परिणाम प्रस्तुत करने के बाद यह अनुमति मिली है।

कोरोना टीकों के विकास में लगी अन्य भारतीय कंपनियों में जेडियस कैडिला, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और पनासिया बायोटेक शामिल हैं। इस महीने की शुरुआत से अध्ययन शुरू करने वाली पनासिया अभी भी प्री-क्लिनिकल चरण में है.

वहीं, अभी यह साफ नहीं है कि ज़ेडियस और सीरम ने अपने प्री-क्लीनिकल अध्ययन को पूरा कर लिया है और मानव परीक्षणों के संचालन के अनुमोदन के लिए डीसीजीआई को आवेदन किया है या नहीं।