ÓñÁÓñ┐ÓñºÓñ¥Óñ»Óñò ÓñòÓÑÇ ÓñùÓñ¥ÓñíÓñ╝ÓÑÇ Óñ░ÓÑïÓñòÓñ¿Óñ¥ Óñ«Óñ╣ÓñéÓñùÓñ¥ Óñ¬ÓñíÓñ╝Óñ¥ IAS ÓññÓÑçÓñ£Óñ©ÓÑìÓñÁÓÑÇ Óñ░Óñ¥ÓñúÓñ¥ ÓñòÓÑï, Óñ¬Óñ╣Óñ▓ÓÑç ÓññÓñ¼Óñ¥ÓñªÓñ▓Óñ¥ ÓñàÓñ¼ ÓñòÓÑêÓñíÓñ░ ÓñÜÓÑçÓñéÓñ£

विधायक की गाड़ी रोकना महंगा पड़ा IAS तेजस्वी राणा को, पहले तबादला अब कैडर चेंज

देश में महिला आईएएस अधिकारियों के साथ उत्पीड़न और उनके शोषण की घटनाएं सामने आ रही है। पूर्व में हरियाणा में तैनात रही आईएएस ऑफिसर रानी नागर का मामला सभी के सामने आया था। हरियाणा सरकार में मुख्य सचिव सुनील गुलाटी के ऊपर आरोप लगे थे कि उन्होंने 2014 बैच की आईएएस ऑफिसर रानी नागर का उत्पीड़न किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। यही नहीं बल्कि रानी नागर पर बार-बार हमले कराए गए। जिससे भयभीत होकर रानी नागर ने आईएएस पद से ही इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह हरियाणा को छोडकर अपने गृह जनपद गाजियाबाद आकर रहने लगी।

इसके बाद अब 2017 बैच की आईएएस अधिकारी तेजस्वी राणा का मामला सामने आ रहा है। राजस्थान में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर तेजस्वी राणा को राजस्थान कैडर चेंज करने को मजबूर होना पड़ रहा है। आईएएस अधिकारी तेजस्वी राणा अप्रैल महीने में तब चर्चा में आई थी जब उसने सत्ता पक्ष के एक विधायक की गाड़ी रुकवाई और चेकिंग करने लगी थी। इसके बाद राजस्थान के सबसे शक्तिशाली विधायक को इसमें अपनी बेइज्जती होती नजर आई। फलस्वरूप आईएएस तेजस्वी राणा का रातों-रात रात ट्रांसफर के आर्डर करा दिए गए थे।

विधायक की गाड़ी रोकना महंगा पड़ा IAS तेजस्वी राणा को, पहले तबादला अब कैडर चेंज

यह मामला 17 अप्रैल का है। जब चित्तौडगढ़ जिले की विधानसभा बेंगू के विधायक राजेंद्रसिंह बिधूड़ी एक कार में सवार थे और कार महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष एवं पार्षद के पति कानसिंह भाटी चला रहा थे। कार को रोकते ही विधायक उतरे और अपना परिचय दिया, लेकिन आईएएस तेजस्वी राणा ने मौके पर ही पुलिस बल बुलाकर कार को जप्त करके कोतवाली भिजवा दिया। काफी बहस हुई। विधायक के सत्ता की धमकी देने के बावजूद भी तेजस्वी राणा टस से मस नही हुई थी। आखिरकार बिधूड़ी को पैदल ही जाना पड़ा। बाद में एमवी एक्ट में जुर्माना भरने के बाद ही कार को छोड़ा गया।

राजस्थान के नाराज विधायक विधुड़ी ने राणा को निलंबित करने की मांग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से की। लेकिन प्रदेश के शीर्ष आईएएस अफसरों ने राणा को निलंबित नहीं करने का दबाव बनाया। इस पर सरकार ने राणा का निलंबित तो नहीं किया लेकिन तबादला करके उनको जयपुर स्थित नेशनल हैल्थ मिशन में तैनात कर दिया था। याद रहे कि 2017 बैच की आईएएस अधिकारी तेजस्वी राणा को 10 अक्टूबर 2019 को पहली पोस्टिंग चित्तौड़गढ़ एसडीएम के पद पर मिली थी।

लेकिन अपनी पहली पोस्टिंग में ही सरकार के प्रभावशाली विधायक से विवाद के बाद लेडी सिंघम की छवि बनाने वाली आईएएस अधिकारी तेजस्वी राणा राजस्थान कैडर छोड़ रही हैं। सुनने में आ रहा है कि केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय ने उनको कैडर बदलने की अनुमति दे दी है और अब जल्द ही कार्मिक विभाग राणा को रिलीव करने के आदेश जारी करेगा।