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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और मूल्य वृद्धि को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौर में मूल्य वृद्धि का फैसला पूरी तरह असंवेदनशील और गलत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में सोनिया गांधी ने लिखा है कि जब लोग महामारी और उससे उत्पन्न हालातों के कारण परेशान हैं, ऐसे में भी सरकार उनसे मुनाफा कमाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। सरकारी क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने लगातार 10वें दिन मंगलवार को भी पेट्रोल और डीजल के मूल्य में वृद्धि की है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा, “मैं इस बात बेहद परेशान हूं कि मार्च में जब से संकट का दौर शुरू हुआ है, सरकार ने पेट्रोल और डीजल के मामले में पूरी तरह असंवेदनशील और गलत फैसला लिया है। कम से कम दस बार इसी तरह के फैसले करके सरकार ने अपनी असंवेदनशीलता दिखाई।” इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गलत सरकार पर फैसला करके करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व कमाया। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी और पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी करके राजस्व जुटाया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से मांग की है कि फ्यूल के मूल्य की वृद्धि को तुरंत रोलबैक किया जाए और सस्ते कच्चे तेल का फायदा उपभोक्ताओं को दिया जाए। सोनिया गांधी ने सरकार से कहा कि अगर वह लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहती है तो उसे लोगों की जेब पर बोझ डालकर उनका आर्थिक शक्ति को कमजोर नहीं करना चाहिए। उन्होंने सरकार से संकट के दौर में सीधे आम लोगों के हाथ में पैसा देने का अनुरोध किया।