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अनलॉक-1 में क्या क्या खुलेगा क्या नहीं, जानिए नई गाइडलाइन

केंद्र सरकार ने शनिवार को नए नाम से लॉकडाउन यानि भारत के केदेदे बताए। गृह मंत्रालय ने अपने सात पृष्ठों के आदेश में तीन बड़ी बातें कही हैं।

1. देश के सभी कंटेन्मेंट जोन में 30 जून तक लॉकडाउन बदस्तूर जारी रहेगा। अभी देश के 12 राज्यों के 30 शहरों में विभाजन क्षेत्र हैं।
2. अनलॉक करने की पहली किस्त में देश को तीन फेज में खोलने की तैयारी है। लेकिन इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय SOP यानी-तरह तय करेगा।
3. देशभर में रात का कर्फ्यू जारी रहेगा। यानी रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कहीं भी आवाज़जही पर रोक लगी रहेगी। हां, आवश्यक सेवाओं को इसमें छूट मिलेगी।

फेज 1

8 जुलाई के बाद खुल सकते हैं ये जगहें-

1. धर्म स्थल / इबादत की जगहें।

2. होटल, रेस्तरां और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी सेवाएं।

3. वर्दी का काम करना

फेज 2

स्कूल, कॉलेज जुलाई में खुलने की संभावना।
1. स्कूल, कॉलेज, शिक्षा, प्रशिक्षण और कोचिंग संस्थान राज्य सरकारों से सलाह लेने के बाद ही खुलेंगे।
2. विकलांग सरकारें बच्चों के माता-पिता और संस्थानों से जुड़े लोगों के साथ बातचीत कर इस पर निर्णय कर सकती हैं।
3. फीडबैक मिलने के बाद इन संस्थानों को खोलने पर जुलाई में फैसला लिया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए मानक संचालन प्रोसिजर जारी करेगा।

फेज 3

ये सभी पर बाद में फैलता है।
1. मानसिक फ्लाइट्स
2. मेट्रो रेल।
3. सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, इंटरटेनमेंट 4.पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और उनकी तरह बाकी जगहें।
5.सोशल, पॉलिटिकल, स्पोर्ट्स इंटरटेनमेंट, एकेडमिक, कल्चरल फंक्शन्स, धार्मिक समारोह और बाकी बड़े जमावड़े।

मनोरंजन जोन में लॉकडाउन 30 जून, 2020 तक लागू रहेगा। समाज सेवा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बारे में जानकारी लेने के बाद जिला अधिकारियों द्वारा संरक्षण जोन तय किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन में सिर्फ बेहद जरूरी गतिविधियों की इजाजत दी जाएगी। आवश्यक सामान और सेवाओं की सप्लाई को छोड़कर इन क्षेत्रों में जोन की लोगों की आवाजाही पर सख्ती से रोक रहेगी।

राज्य सरकार के संशोधन जोन के बाहर बफर जोन की पहचान भी करनी चाहिए। ये ऐसे इलाके होंगे, जहां नए मामले आने का खतरा ज्यादा है। बफर जोन के अंदर भी प्रतिबंधों को जारी रखा जा सकता है। अपने क्षेत्रों में हालात का जायजा लेने के बाद राज्य सरकारेंदेशीकरण जोन के बाहर कुछ गतिविधियों को बैन कर सकती हैं या जरूरी लगने पर प्रतिबंधों को लागू कर सकती हैं।

रात 9 बजे से सुबह 5 बजे के बीच आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी भी तरह के मूवमेंट की इजाजत नहीं होगी। इस पर सख्ती से पाबंदी रहेगी। स्थानीय प्रशासन अपने अधिकार क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंधों को लागू कर सकता है।