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चीनी कंपनियों को अमेरिकी शेयर बाजार से डिलिस्टिंग करने के लिए सीनेट में बिल पास

अमेरिकी सीनेट में एक बिल पास किया गया है, जो दिखाता है कि अमेरिका किस कदर चीन को लेकर चिढ़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस को पूरी दुनिया में फैलाने के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है। आर्थिक मोर्चे पर अमेरिका एक के बाद एक चीन को झटका दे रहा है। अब अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड चीनी कंपनियों पर डोनाल्ड ट्रंप की टेढ़ी नजर है।

कहा जा रहा है कि सीनेट में इस बिल का विपक्ष ने भी समर्थन दिया है। अमेरिकी के इस कदम से अमेरिकन शेयर बाजार में लिस्टेड चाइनीज कंपनियों के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। बिल में कहा गया है कि अमेरिकी कंपनियों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है। ट्रंप लगातार चीन पर कोरोना का ठीकरा फोड़ रहे हैं और सबक सिखाने की भी बात कर रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 800 चीनी कपनियां अमेरिकन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हैं। अमेरिका के इस फैसले से अलीबाबा और बायडू जैसी बड़ी चीनी कंपनियों को झटका लग सकता है। यही नहीं, अमेरिका का यह कदम दुनियाभर के शेयर बाजारों के लिए बुरी खबर हो सकती है।

इससे पहले इसी हफ्ते अमेरिकी कंपनियों को चीन से वापस अमेरिका लाने के लिए कांग्रेस में एक बिल पेश किया गया है। अमेरिकी सांसद मार्क ग्रीन ने यह बिल कांग्रेस में पेश किया है। सांसद का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अपने यहां निवेश को आकर्षित करना जरूरी है।

पिछले दिनों एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जनवरी-2020 में चीन के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। उन्होंने यहां तक कहा कि वो इस डील को तोड़ भी सकते हैं।