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बेटे बीमार पिता का इलाज कराने पुलिस से गुहार लगाते रहे, पिता ने गाड़ी में तोड़ा दम

दो बेटा और उनकी माँ पुलिस के सामने घंटो तक हाथ जोड़ते रहे। गिड़गिड़ा रहे और कहते रहे कि उनके पिताजी गाड़ी में लेटे हैं, वह बीमार है। उनको डॉक्टर को दिखाने ले जाना है। यहां तक कि दोनों भाइयों ने डॉक्टर को ले जाने का ई-पास भी पुलिस को दिखाया।

लेकिन पुलिस नहीं पसीजी। एक तरफ बेटे पुलिस के सामने हाथ जोड़े घुटनों के बल बैठे जाने की गुहार लगाते रहे। तो दूसरी तरफ उनका लाचार बाप इलाज ना मिलने के चलते गाड़ी में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है। यह कोई फिल्म का दृश्य नहीं बल्कि हकीकत है।

यह मामला है छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश बार्डर का। जहां एक बेटा अपने बीमार पिता को इलाज कराने जाने देने के लिए पुलिसवालों के सामने हाथ जोड़ता रहा। ई-पास भी दिखाया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बेरीकेट नहीँ खोला। अंततः बुजुर्ग पिता की वहीं मौत हो गई।

मध्यप्रदेश उमरिया जिले के रहने वाले एसईसीएल में मैनेजर नीलेश मिश्रा अपने भाई राकेश और मां के साथ अपने 78 साल के बुजुर्ग पिता केशव प्रसाद का इलाज कराने के लिए कार से बिलासपुर जा रहे थे। लेकिन कोरिया जिले के घुटरी टोला बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनको छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश नहीँ करने दिया।

दोनों भाईयों ने उन्हें ई-पास दिखाया। दोनों भाई करीब दो घंटे तक पुलिसकर्मियों के हाथ भी जोड़ते रहे। लेकिन पुलिसवालों ने उनकी एक न सुनी। आखिरी में बुजुर्ग को कार में ही हार्टअटैक आ गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मामले में प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ में रेड जोन राज्यों से आने वाले लोगों पर रोक है। अगर वह फिर भी आते हैं तो उनके लिए स्पेशल अनुमति की जरुरत होती है। जहां से वह आ रहे हैं, उस पास के साथ-साथ जहां जा रहे हैं, वहां के पास की भी जरूरत पड़ती है।