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फर्जी PM केयर फंड अकाउंट खोलकर 200 दानदाताओं से लूटे 51 लाख

आज देश और दुनिया में कोरोना का कोहराम मचा हुआ है। कोरोना संकट से निजात दिलाने के लिए हर कोई बढ चढ कर हिस्सा ले रहा है। कोरोना महामारी के संक्रमण से लड़ने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से पीएम केयर फंड में सहायता करने की अपील की थी। लेकिन झारखंड के हजारीबाग में साइबर अपराधियों ने उसे भी नहीं बख्शा।

शातिरों ने पीएम केयर फंड के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाई। जिसमें दो बैंकों के अकाउंट नंबर दिए गए थे। इसके बाद लोगों से इन खातों में पैसे डालने की अपील की गई। कई लोगों ने पीएम केयर फंड समझ कर इसमें लाखों रुपए की राशि डाली। बाद में शातिर अपराधियों ने दोनों खातों से 51 लाख रुपए निकाल लिए। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनो को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इस गिरोह का मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

गौरतलब है कि देश में आए कोरोना वायरस के संकट के चलते बड़े-बड़े संस्थान के साथ आम लोग भी इस फंड में सहायता राशि भेज रहे हैं। झारखंड के हजारीबाग में शातिर युवकों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए 51 लाख रुपए उड़ा डाले। शातिर युवकों ने प्रधानमंत्री केयर फंड के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर उसमें दो बैंकों के अकाउंट नंबर भी डाले।

कोरोना से जंग के लिए इन दोनों बैंक खातों में लाखों रुपए आए और उसकी निकासी कर ली गई। बाद में जब मामले का खुलास हुआ, तब पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मास्टरमाइंड तीसरा शख्स है। जिसकी तलाश की जा रही है। अभी वह फरार चल रहा है।

इन फर्जी एकाउंट नंबरों से हुई ठगी

यूनियन बैंक : 5391020109587423 पीएनबी : 6635000100047154
पीएम केयर्स फंड में ऐसे भेज सकते हैैं सहयोग राशि

कोई भी व्यक्ति या संस्थान इसके लिए (पीएमइंडिया डॉट जीओवी) बेवसाइट पर जाकर नीचे दिए गए ब्यौरे की मदद से डोनेट कर सकता है।

अकाउंट का नाम : पीएम केयर्स अकाउंट नंबर : 2121 पीएम 20202 आईएफएससी कोड : एसबीआइएन 0000691 स्विफ्ट कोड : एसबीआइएनआइबीबी 104 बैंक और ब्रांच का नाम : भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली, मुख्य शाखा यूपीआई आईडी : पीएमकेयर्स एट द रेट एसबीआइ
पेमेंट के लिए इन माध्यमों का कर सकते हैं उपयोग।

डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड

इंटरनेट बैंकिंग

आरटीजीएस/एनईएफटी

जानकारी के अनुसार, झारखंड के हजारीबाग मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लाखे निवासी दो सगे भाइयों नूर हसन और मो. इस्तेखार (पिता मो. सेराजुद्दीन) और ओरिया निवासी परमेश्वर कुमार ने पंजाब नेशनल बैंक की बड़ी बाजार शाखा में 13 जनवरी और यूनियन बैंक में 31 मार्च को दो फर्जी खाते खुलवाए थे। दोनों ही बैंको में पीएम केयर फंड के जरिए कोरोना पीड़ितो की मदद के नाम पर हजारीबाग के 200 लोगों ने पीएनबी में 34 लाख 87 हजार तथा यूनियन बैंक में 17 लाख 701 रुपये जमा करा लिए थे।

यह राशि ठग अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। इसके चलते दोनों बैंकों के प्रबंधकों को शक होने पर उन्होंने नौ अप्रैल को सदर थाने में इसकी सूचना दी। इस खाते के वास्तविक धारक के पते पर जब पुलिस गई तो ठगी का मामला सामने आया। इस मामले में जांच का विषय यह भी है कि आखिर बैंको ने पीएम केयर की तरह मिलते जुलते एकाउंट कैसे खोले। कही इसमें बैंक कर्मचारियों की भी तो संलिप्ता नहीं है।