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फंसे मजदूरों-छात्रों को वापस न लाने से नीतीश से BJP नेता नाराज, सता रहा चुनाव में हार का डर

गृह मंत्रालय ने बुधवार शाम को लॉकडाउन के दौरान कुछ दूसरे राज्यों फंसे छात्रों और मजदूरों को अपने घर वापस आने का रास्ता साफ कर दिया। गृह मंत्रालय ने एक दिशानिर्देश जारी कर इस बात की इजाजत दे दी कि सभी राज्य अपने यहां के प्रवासी मजदूरों और छात्रों को वापस बुला लें। गृह मंत्रालय के इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा राहत की सांस बिहार के छात्र और मजदूरों ने ली। क्योंकि दूसरे राज्यों में बिहार के छात्र और मजदूर सबसे अधिक फंसे हुए हैं। हालांकि, राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें बुलाने के कतराते रहे हैं। उनका कहा है कि इससे लॉकडाउन के नियमों का उलंघन होगा।

विपक्षी नेताओं ने उनपर सवाल खड़े भी किए थे। लेकिन अब इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रुख को लेकर राज्य के बीजेपी सांसद उनसे बेहद नाराज और गुस्से में हैं। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कल बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के लोकसभा सांसदों से कोरोना और लॉकडाउन को लेकर बातचीत की। खबरों के अनुसार, बैठक में मौजूद सांसदों ने राजस्थान के कोटा समेत अलग-अलग भागों में रह रहे बिहार के छात्रों और मजदूरों को वापस लाने से मना करने के नीतीश कुमार के फैसले पर कड़ा एतराज जताया है।

लगभग सभी सांसदों ने एक कहा कि उनके क्षेत्र के लोगों में नीतीश कुमार के इस फैसले को लेकर जबरदस्त गुस्सा है। साथ ही उन्हें लोगों के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है। नेताओं की चिंता और बढ़ रही है क्योंकि इसी साल के आखिर में बिहार विधान सभा चुनाव भी होना है। कई नेताओं का मानना है कि इसका असर चुनाव पर भी बहुत पड़ेगा। आशंका ये भी जताई जा रही है कि नीतीश कुमार की निष्क्रियता के चलते एनडीए के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर पैदा हो सकती है।

इसका सीधा फ़ायदा विरोधी पार्टियों को हो सकता है। ज्यादातर सांसदों ने नीतीश कुमार के उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि लॉकडाउन की शर्तों के चलते छात्रों और मजदूरों को वापस लाना सम्भव नहीं था। नितीश कुमार का कहना था कि इन्हीं नियमों के रहते बाकी राज्य सरकारों ने अपने छात्रों को वापस बुलाया और अब मजदूरों को लाने का भी इंतजाम किए जा रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के अलावा इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, श्रम मंत्री सन्तोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के अलावा कई सांसद भी शामिल हुए।