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सोनिया पर विवादास्पद टिप्पणी से कांग्रेसियों के निशाने पर अर्णब, मामला दर्ज

पालघर मॉब लिंचिंग में पहले तो हिंदू-मुस्लिम विवाद पैदा करने की कोशिश की गई। लेकिन जब इसमें सफलता नहीं मिली तो अब अर्णब गोस्वामी के जरिए निशाना साधा गया है। जो काम भाजपा सरकार नहीं कर पाई वह एक पत्रकार ने कर दिखाया। वैसे तो अर्णब गोस्वामी वरिष्ठ पत्रकारों की श्रेणी में आते हैं। लेकिन उनके द्वारा सोनिया गांधी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी अशोभनीय करार दी जा रही है। देशभर से उनपर मामले दर्ज करने का सिलसिला जारी हैं।

यही नहीं बल्कि अर्णब को लेकर ट्विटर पर #ArestAntiIndiaArnab अभियान चलाया जा रहा है। जो ट्विटर पर जमकर ट्रेड हो रहा है। जबकि कई जगह कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्णब गोस्वामी के पोस्टर जलाकर कडा विरोध जताया है। कांग्रेसियो ने अर्णब गोस्वामी पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के खिलाफ अपशब्दो का इस्तेमाल और लोगों में सांप्रदायिक भावना फैलाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव, महाराष्ट्र के उर्जा मंत्री नितिन राउत, रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले पर आपत्ति जताते हुए उनकी गिरफ्तारी के साथ चैनल से निकले जाने की मांग की है।

गौरतलब है कि रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी ने कल अपने चर्चित शो ‘पूछता है भारत’ में पालघर लिंचिग मामले को उठाया था। इस दौरान उन्होंने लगातार कई भड़काऊ सवाल पूछे। उन्होंने पहले पूछा कि अगर संतों की जगह कोई मोलवी या पादरी मारा जाता तो क्या इटली वाली सोनिया गांधी चुप रहतीं?

इसी के साथ अर्णब ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी करते हुए कहा कि सोनिया गांधी पालघर की घटना की रिपोर्ट इटली भेजेगी और कहेगी कि जहां उसकी सरकार है वहां उसने संतों को मरवा दिया। इसपर उसे इटली से शाबाशी मिलेगी। अर्णब यहीं नहीं रुके बल्कि इसके बाद उन्होंने शो में मौजूद पनेलिस्ट्स को भी सोनिया गांधी के खिलाफ भड़काने की कोशिश की।

अर्णब गोस्वामी ने उनसे पूछा कि क्या अब हिन्दू इस तरह की चीजों को बर्दाश्त करेगा? क्या अब हिन्दू ख़ामोश रहेगा? जिसपर पैनलिस्ट ने कहा कि अब हिन्दू ख़ामोश नहीं रहेगा। हिन्दू अब अपनी आवाज़ उठाएगा।

अर्णब गोस्वामी के इस प्रोग्राम की जमकर आलोचना हो रही है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने अर्णब की इस हरकत पर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ सख़्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अर्णब की हरकत पर ऐतराज़ जताते हुए उन्हें चैनल से निकले जाने की मांग की है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर लिखा है कि अर्नब गोस्वामी द्वारा सोनिया गांधी पर हमला बेहद निंदनीय है। वह पागल हो गया है और सभी सीमाओं को पार कर गया है, उसे खुद पर शर्म आनी चाहिए। मैं एडिटर्स गिल्ड से पूछता हूं कि क्या ये पत्रकारिता की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट नहीं है? श्री राजीव चंद्रशेखर को उन्हें तत्काल बर्खास्त करना चाहिए।

इसी के साथ कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी अर्णब के बयान की कडी निंदा की है। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा है कि ये बेहद दुर्भाग्यजनक है कि कुछ न्यूज़ एंकर सोनिया गांधी के मूल्यों पर सवाल उठा रहे हैं। अपने जीवन का पचास साल से अधिक वक्त वो भारत में गुज़ार चुकी हैं। उन्होंने इज़्ज़त और शिद्दत के साथ अपने प्रियजनों का बलिदान दे कर ये साबित किया है कि भारतीय होने का मतलब क्या है।

इसके अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे सिद्धरमैय्या ने कहा है कि वो किसी दूसरे भारतीय की तरह ही भारतीय हैं। पूर्व सीएम ने सोनिया गांधी का मई 1999 का एक वीडियो ट्वीट कर लिखा है कि सोनिया गांधी अर्णब गोस्वामी से अधिक भारतीय हैं। एक तरफ जहां अर्णब ने जहर उगल कर देश के चौथे स्तंभ को कमज़ोर किया है वहीं सोनिया गांधी ने देश की एकता और भाईचारे के लिए काम किया है।

पत्रकारिता एक सम्मानजनक काम है, इसके ज़रिए जनता गणतंत्र के तीनों स्तंभों के बारे में जान सकती है और विचार कर सकती है। लेकिन अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी इस बात का उदाहरण हैं कि पत्रकारिता कैसे नहीं की जानी चाहिए।