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यूपी में फिर हुआ कोरोना योद्धाओं पर हमला, योगी ने की कड़ी कार्रवाई

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिसकर्मियों जैसे कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए बार-बार अपील किए जाने के बावजूद भी कुछ लोग अपनी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिसके चलते पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले लगातार जारी है। पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले का शिकार सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश हो रहा है।

यहां सबसे पहले गाजियाबाद के जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों और नर्सों के साथ कुछ लोगों द्वारा शर्मनाक काम किया गया था। जिसके बाद उन लोगों पर मामले दर्ज हो गए थे। इसके बाद बरेली और फिर अब मुरादाबाद में एक बार फिर यही घटना घटी है। जहां स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिसकर्मियों पर भीड़ ने हमला बोल दिया है।

बावजूद इसके कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में ही यह घोषणा कर रखी थी कि जो भी कोई पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले करेगा उसके खिलाफ एनएसए के तहत मामले दर्ज किए जाएंगे। आज एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी ने मुरादाबाद की घटना पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रदेश पुलिस को दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मुरादाबाद में पुलिस, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता अभियान से जुड़े कर्मियों पर हमला एक अक्षम्य अपराध है, जिसकी घोर निंदा की जाती है। ऐसे दोषी व्यक्तियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम तथा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मामला मुरादाबाद जिले के नवाबपुरा इलाके के हाजी नेब के पास का है। यहा कोरोना वायरस के वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने उसके परिवार को पहले ही क्वारंटीन कर दिया था। वहीं उसके संपर्क में आए सभी को लोगों स्वास्थ्य विभाग क्वारंटीन करने आई थी। तभी लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में एक डॉक्टर घायल हो गया। साथ ही कुछ स्वास्थ्यकर्मियों भी घायल हो गए। वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई है।

भीड़ ने पथराव कर उनकी गाड़ियां भी तोड़ दी। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंचे। उनके साथ पुलिस का भारी बल भी मौजूद था। पुलिस ने इस मामले में पांच महिला समेत कई आरोपियों को हिरासत में लिया। फिलहाल कई आरोपी फरार है। जिनकी धर-पकड़ के लिए तलाशी अभियान जारी है।

इस बीच बिहार के औरंगाबाद में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला किया गया है। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को पीटा गया है। वाहन में भी तोड़फोड़ की गई है। बताया जा रहा है कि मेडिकल टीम जान बचाकर भागी है। यह घटना गोह थाना के एकौनी गांव की है।

जबकि कुछ दिन पूर्व बरेली के इज्जत नगर थाना क्षेत्र के करमपुर गांव में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। जब पुलिसकर्मी सूचना के आधार पर जमातियों की तलाश में करमपुर गांव में गई तो वहां ग्राम प्रधान के घर भीड़ देखकर पुलिस लॉकडाउन का पाठ पढ़ाने लगी।

जिसके चलते पुलिस पर भीड़ ने हमला कर दिया था जिसमें एक एसपी को गंभीर चोटें भी आई थी। यही नहीं बल्कि भीड़ ने पुलिस चौकी को जलाने का भी प्रयास किया था। हालांकि, बाद में पुलिस ने करीब 47 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया था।

इससे पहले मेरठ में मस्जिद के इमाम समेत 4 लोगों ने अधिकारियों की टीम पर हमला कर दिया। दरअसल, यहां कुछ जामाती आए थे। वे दारीवाली मस्जिद में ठहरे थे। उसमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद अधिकारी पुलिस बल के साथ मस्जिद सील करने गए थे। तभी लोगों ने इसका विरोध किया और टीम पर पथराव कर दिया।

वहीं दो दिन पूर्व पंजाब के पटियाला जिले में निहंगों ने कर्फ्यू पास मांगने पर पुलिस पर हमला बोल दिया था। हमले में एएसआई हरजीत सिंह की कलाई कटकर अलग हो गई थी। जबकि थाना सदर इंचार्ज बिक्कर सिंह और एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गया था। इसके बाद एक कमांडो ऑपरेशन चलाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।