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देश में सामने आए कोरोना के 227 नए मामले, अब तक 32 लोगों की मौत

कोरोना वायरस देश में दिन पर दिन अपने पैर पसारते ही जा रहा है। कल सोमवार को लॉकडाउन का 6वां दिन था। लेकिन कोरोना पर अभी नियंत्रण नहीं पाया गया है। बल्कि संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक संक्रमितों की संख्या 1251 हो गई है। इनमें 1117 एक्टिव केस हैं, जबकि 32 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि, 102 लोग डिस्चार्ज हो गए हैं।

कोरोना के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से है। कल सोमवार को 216 नए संक्रमण के मामले सामने आए है। वहां अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। 39 लोग ठीक हुए है। कल दो लोगों की मौत भी हुई है जिसमें एक व्यक्ति पुणे ओर दूसरा मुम्बई का है। इसी बीच कल तेलंगाना में कोरोना वायरस के कारण 6 लोगों की मौत सामने आया। इसकी जानकारी तेलंगाना सरकार ने दी।

सरकार ने कहा कि वे दिल्ली के निजामुद्दीन में जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। ये 6 लोगों में से दो की मौत की पुष्टि गांधी अस्पताल में हुई। बाकी मौत ग्लोबल अस्पताल में एक, निजामाबाद में एक, अपोलो अस्पताल में एक और गडवाल जिले में एक की मौत हुई। अब इसके बाद सरकार ने लोगों से अपील की है कि जो लोग दिल्ली से दौरा करने गए थे वो सब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर संपर्क करें और कोरोना टेस्ट कराएं।

वहीं दिल्ली सरकार भी जमात के सेंटर के मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगी। तबलीगी जमात के सेंटर से रविवार को दिल्ली के LNJP अस्पताल में 34 लोगों को जांच के लिए लाया गया था और सभी कोरोना संक्रमण के संदिग्ध बताए जा रहे हैं। इसमें एक 64 वर्ष के व्यक्ति की मौत हो गई। जो तमिलनाडु का था।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया की भारत में संक्रमण के केस विकसित देशों की तुलना में कम है। उन्होंने आगे बताया कि अभी मरीजों की सांख्य 100 से 1000 तक पहुंचने में 12 दिन लगेंगे तो वहीं विकसित देशों में इस अवधि में 3500 से 8000 की संख्या थी। ये सब उन्होंने लॉकडाउन का विश्लेषण करते हुए बताया। अभी नियंत्रण में रखने में प्रमुख योगदान लॉकडाउन का है। इस दौरान लोगों एक-दूसरे से कम मिल रहे है और सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किए जाने पर ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा।

इस दौरान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डॉ रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि देश में अब तक संक्रमण के 38,482 संदिग्ध मामलों का परीक्षण किया जा चुका है। पिछले 24 घंटों में आईसीएमआर की 115 प्रयोगशालााओं में 3501 और निजी क्षेत्र की 47 प्रयोगशालाओं में 428 परीक्षण किए गए। उन्होंने बताया कि निजी प्रयोगशालाओं को परीक्षण की अनुमति मिलने के बाद इनमें अब तक 1334 परीक्षण किए जा चुके हैं। गंगा खेड़कर ने बताया कि भारत में अभी परीक्षण क्षमता का 30 प्रतिशत ही इस्तेमाल हो रहा है।