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डिजिटल ट्रांजेक्शन फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने बनाए नए नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल ट्रांजेक्शन फ्रॉड को रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं। आरबीआई ने इस संबंध में जनवरी महीने में अधिसूचना जारी की थी। नए नियमों से डेबिट-क्रेडिट कार्ड के दुरुपयोग पर रोग लगाने में मदद मिलेगी।

नए नियम नियम प्रीपेड गिफ्ट कार्ड्स और मेट्रो कार्ड पर लागू नहीं होंगे। आरबीआई ने सभी बैकों को निर्देश दिए है कि वे डेबिट-क्रेडिट कार्ड जारी करते समय उन्हें केवल भारत में एटीएम और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल्स पर ट्रांजेक्शन के लिए सक्रिय करें।

नए नियम के मुताबिक, अब डेबिट-क्रेडिट कार्ड के साथ सिर्फ एटीएम और पीओएस टर्मिनल पर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। अगर ग्राहक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, कॉन्टेक्टलेस ट्रांजेक्शन या इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन करना चाहते हैं तो इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए इन सेवाओं को चालू कराना होगा।

पुराने नियमों के अनुसार ये सेवाएं कार्ड के साथ स्वत: आती थीं लेकिन अब ग्राहक के आग्रह पर ही शुरू होंगी। अगर आप डेबिट-क्रेडिट कार्ड ग्राहक हैं और आपने अभी तक अपने कार्ड से कोई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, कॉन्टेक्टलेस ट्रांजेक्शन या इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन नहीं किया है तो कार्ड पर ये सेवाएं 16 मार्च से अपने आप बंद हो जाएंगी।

रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों से कहा है कि वे मोबाइल एप्लीकेशन, लिमिट मोडिफाई करने के लिए नेट बैंकिंग विकल्प और इनेबल और डिसेबल सेवा सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे उपलब्ध करवाएं।

ग्राहक अगर अपने कार्ड के स्टेटस में कोई बदलाव करते हैं या कोई अन्य करने की कोशिश करता है तो बैंक एसएमएस या ई-मेल के जरिए ग्राहक को अलर्ट करेगा। रिजर्व बैंक ने यह नियम इसलिए लागू किए है क्योंकि जब से डिजीटल ट्रांजेक्शन लोगों ने शुरू की है तब से इससें काफी ज्यादा फांड बढ़ गए है। इसलिए आरबीआई ने यह नियम लागू किए है।