Óñ«Óñ╣Óñ¥ÓññÓñ┐Óñ░ Óñ«ÓÑïÓñ╣Óñ«ÓÑìÓñ«Óñª Óñ¿ÓÑç ÓñªÓñ┐Óñ»Óñ¥ ÓñàÓñ¬Óñ¿ÓÑç Óñ¬Óñª Óñ©ÓÑç ÓñçÓñ©ÓÑìÓññÓÑÇÓñ½Óñ¥, Óñ«Óñ▓ÓÑçÓñÂÓñ┐Óñ»Óñ¥ Óñ«ÓÑçÓñé Óñ░Óñ¥Óñ£Óñ¿ÓÑÇÓññÓñ┐Óñò Óñ©ÓñéÓñòÓñƒ

महातिर मोहम्मद ने दिया अपने पद से इस्तीफा, मलेशिया में राजनीतिक संकट

मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा देश के राजा को सौंप दिया है। इसकी प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है। पिछले एक हफ्ते से ही मलेशिया में राजनीतिक अस्थिरता चल रही थी। महातिर मोहम्मद और अनवर इब्राहिम ने मिलकर साल 2018 में सरकार बनाई थी। तब कहा गया था कि महातिर मोहम्मद कुछ साल बाद अनवर को सत्ता सौंप देंगे। लेकिन रविवार को अनवर ने महातिर की पार्टी पर आरोप लगाया कि वह धोखेबाज हैं। उन्होंने कहा कि महातिर ने धोखा देते हुए यूनाइटेड मलयास नैशनल आर्गेनाईजेशन के साथ हाथ मिला लिया है।

महातिर मोहम्मद के इस्तीफा देने से यहां राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। यहां की राजनीति में महातिर की मजबूत पकड़ रही है। साल 1981 से लेकर साल 2003 तक महातिर मोहम्मद मलेशिया के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वह 2018 में एक बार फिर वह सत्ता पर काबिज हुए। 2018 में उन्होंने नजीब रजाक को हराकर जीत हासिल की थी।

महातिर मोहम्मद विश्व के सबसे ज्यादा उम्र के नेता है। महातिर मोहम्मद 94 वर्ष के हैं। उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा सरकार गिराने की कोशिशों के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। उनके कार्यालय ने एक बयान में कहा कि महातिर ने मलेशिया के प्रधानमंत्री के तौर पर अपना इस्तीफा भेज दिया है। गौरतलब है कि महातिर मोहम्मद ने कश्मीर मुद्दे और पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिए थे। साथ ही उन्होंने सीएए के खिलाफ भी बयान दिए थे। जिसके कारण भारत और मलेशिया के संबंधो में खटास आ गई थी। इसके चलते भारत ने मलेशिया से पाम आयल के आयात पर रोक लगा दी थी।