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अखिलेश यादव की जान को खतरा, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थिगित

पिछले दिनों सपा के राजनीतिक गढ़ कन्नौज में एक सभा के दौरान जय श्रीराम के नारे लगाने वाले युवक की सपाइयों ने जमकर धुनाई कर दी थी। उस वक्त अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर युवक को सकुशल बचा लिया था। उस वक्त माना जा रहा था कि मामूली मामला हैैं शांत हो चुका है लेकिन इसका असर आज सदन की कार्यवाही में देखने को मिला।

इस सम्बन्ध में भाजपा नेताओं का कहना है कि चूंकि सपा के पास सदन में विरोध करने के लिए कोई मुद्दा नहीं है लिहाजा ऐसे मामले को उठाकर बवाल किए जाने की कोशिश की जा रही है जिसका कोई लेना-देना नहीं है। आज सदन की कार्यवाही के दौरान विधानसभा में समाजवादी पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जान को खतरा बताते हुए जमकर हंगामा किया। पार्टी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए।

हंगामा बढ़ते देख प्रश्नकाल को कुछ समय तक रोकना पड़ा। इस हंगामे के कारण स्पीकर ने सदन को 12.20 तक स्थगित कर दिया था। इसके बाद सदन शुरू होते ही इसके बाद सदन शुरू होते ही रामगोविंद चौधरी ने मामले को पुनः उठाया और कहा कि उनके अध्यक्ष अखिलेश यादव को जान का खतरा है।

कन्नौज  में एक सभा के दौरान साजिश रची गयी थी लिहाजा इस मामले की विधिवत जांच होनी चाहिए। श्री चौधरी ने यह भी कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को भाजपा कार्यकर्ताओं से जान का खतरा है। हालांकि, श्री चौधरी की आशंका पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के सम्मानित नेता हैं उन्हें किसी प्रकार का खतरा नहीं हो सकता, अलबत्ता समाज को जरूर सपा कार्यकर्ताओं से खतरा है।

अब कहा जा रहा है कि कन्नौज की जनसभा में इस छोटे से मामले को बड़ा मुद्दा बनाकर पेश किए जाने की संभावना नजर आ रही है। जल्द ही राजधानी की सड़कों पर अखिलेश यादव की सुरक्षा को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा सकता है।