CRPF में पहली बार दो महिला कैंडिडेट को मिली IG और RAF रैंक 

भारत के इतिहास में पहली बार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपने कैडर की दो महिला अधिकारियों को रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और बिहार सेक्टर का पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के रूप में नियुक्त किया गया है।

 

जिसके साथ ही दोनों को बिहार सेक्टर का काम सौंपा गया है।भारत के अर्धसैनिक बल में करीब 3.25 लाख कर्मी हैं। इस क्षेत्र महिलाओं को आज से लगभग 35 साल पहले स्थान मिला था। लेकिन आज तक कोई भी महिला अधिकारी IG और RAF के पद तक नहीं पहुंची थी। 35 वर्षों के यह इंतजार ‘सीमा धुंडिया’ और ‘एनी अब्राहम’ की आईजी और आरएएफ के रूप में नियुक्ति के बाद खत्म हो गया है।

 

 

क्या है CRPF 

 

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सबसे बड़ा है। सीआरपीएफ भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत कार्य करता है। सीआरपीएफ की प्राथमिक भूमिका पुलिस कार्रवाई में संघ शासित प्रदेशों की आपातकालीन स्थिति में सहायता, कानून-व्यवस्था और आतंकवाद विरोध में निहित है।केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल   27 जुलाई साल 1939 में क्राउन प्रतिनिधि पुलिस के रूप में अस्तित्व में आया। जो भारतीय स्वतंत्रता के बाद यह 28 दिसंबर साल 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम के लागू होने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बन गया। वर्ष 1987 सीआरपीएफ में पहली बार महिला अधिकारी शामिल हुई। सीमा धुंडिया और एनी अब्राहम भी 1987 में महिला अधिकारियों के पहले बैच के रूप में अर्धसैनिक बल में शामिल हुईं थीं।

 

CRPF के कार्य 

 

सीआरपीएफ का कार्य कानून के नियम को बनाए रखना,और आंतरिक सुरक्षा को सही तरह से बनाए रखना आदि है । इनका काम देश की अखंडता को संभाल कर रखना, लोगों में प्रेम- भाव को बढ़ाना और संविधान को बनाए रखकर, देश के विकास में अपना सहयोग देना है। इन्हे हर कार्य भारत के नागरिकों को ध्यान में रखकर करना होता है। किसी भी आपदा या संकट की घडी में यही अधिकारी नागरिकों की सुरक्षा में सबसे पहले हाजिर होते हैं।