किसान आंदोलन को लेकर बड़े एक्शन में यूपी सरकार 

गणतंत्र दिवस  पर किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश प्रसाशन एक्शन मूड में हैं| प्रसाशन ने कल रात जिला बागपत,मेरठ में कार्यवाही करके 40 दिन से चल रहे प्रदर्शन को समाप्त करवा दिया हैं|  दूसरी और गाज़ियाबाद बॉर्डर पर धरने पर बैठे  किसान संघठन के टैंट की लाइट काट दी गयी हैं|  बड़ी कार्यवाही को देखते हुए किसान नेताओ ने जग कर पहरेदारी भी की हैं|  दूसरी तरफ किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है। दिल्‍ली पुलिस ने  अब इन लोगो के पासपोर्ट जब्त करने की भी तैयारी कर ली हैं | नोटिस 20 से ज्‍यादा किसानों को दिए गए हैं जिनमें योगेंद्र यादव, बलबीर राजेवाल, बलदेव सिंह सिरसा जैसे नाम शामिल हैं।

दूसरी तरफ बागपत जिले के बड़ौत में कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 40 दिन से डटे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज करके खदेड़ दिया। पुलिस ने किसानों के टेंट भी उखाड़े। इस दौरान किसानों को चोट भी आई हालांकि बागपत के एडीएम ने इससे इनकार करते हुए कहा कि किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि बहुत शांतिपूर्ण ढंग से धरना खत्म कराया गया। लेकिन  पुलिस के किसानों को हटाने का जो वीडियो सामने आया है, उसमें लाठीचार्ज होता दिख रहा है। किसान नेता ब्रजपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। किसान पिछले 40 दिन से यहां दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे थे।


आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने एक ट्वीट करते हुए कहाँ कि कल देर रात बड़ौत में पुलिस ने सोते हुए किसानों पर लाठियां बरसाई! इस बुजुर्ग किसान को देखो। ये कोई आतंकवादी या अपराधी है क्या?
जबकि एडीएम ने इस दौरान किसी तरह के बल प्रयोग से साफ इनकार किया।