सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने दुनिया को चेतावनी दी है कि अगर ईरान को रोकने के लिए सब साथ नहीं आए तो तेल के दाम अप्रत्याशित रूप से बढ़ेंगे। प्रिंस सलमान ने कहा कि पूरी दुनिया के देशों को ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होना होगा, वरना इससे सभी को नुकसान पहुंच सकता है।
एक अमेरिकी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में प्रिंस सलमान ने कहा कि ईरान के खिलाफ लड़ाई में दुनिया साथ नहीं आई तो सभी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि युद्ध से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान की वजह से तेल की सप्लाई बाधित होगी और तेल के दाम इतने ऊपर पहुंच जाएंगे, जितने हमने अपने पूरे जीवन में नहीं देखे होंगे।
सऊदी अरब की तेल
कंपनी अरामको की दो रिफाइनरियों पर हाल ही में 14 सितम्बर को ड्रोन और मिसाइल से हमला हुआ था। इस हमले की जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली थी, लेकिन अमेरिका और सऊदी अरब दोनों ने इसके लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया। इस अटैक के बाद सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इस मुद्दे पर पहली बार कोई बयान दिया है। सऊदी अरब ने तेल संयंत्रों पर हमले के पीछे ईरान का हाथ बताने के लिए हथियारों की एक प्रदर्शनी भी रखी थी। इसमें दावा किया गया था कि इतने आधुनिक हथियार हूती विद्रोही चला ही नहीं सकते। हालांकि, ईरान लगातार हमले में हाथ होने से इनकार करता रहा है।
इस हमले के बाद अमेरिका ने
ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों में और बढ़ोतरी कर दी है। बीते 20 सितंबर को अमेरिका द्वारा ईरान के केंद्रीय बैंक और एक डेवलपमेंट फंड को भी प्रतिबंध के दायरे में ले लिया गया है। सऊदी के तेल संयंत्रों पर हुए हमले के बाद यह अमेरिका की बड़ी कार्रवाई है। इससे अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव और अधिक बढ़ सकता है।