आज सुप्रीम कोर्ट को CBSE ने बताया कि उसकी योजना है कि कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन मानदंड, कक्षा 10 और कक्षा 11 के परिणामों पर आधारित होगा। उन्होंने बताया कि नतीजे 31 जुलाई तक घोषित कर दिए जाएंगे। सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा के लिए अपना मूल्यांकन मानदंड प्रस्तुत करते हुए अदालत को बताया कि 40 प्रतिशत अंक कक्षा 12 के प्री-बोर्ड पर आधारित होंगे। जबकि 10वीं और 11वीं के परीक्षा के भी 30-30 प्रतिशत अंक जुटेंगे।
फैसला आते ही ट्वीटर पर छाए CBSE पर बने मीम्स और जोक्स
कुछ पर नज़र डालते हैं
Literally me after knowing that #CBSE gonna take class 11 marks too for the evaluation. pic.twitter.com/pcSjHYGBmq
— Debanshi Biswas (@BiswasDebanshi) June 17, 2021
#CBSE to evaluate result of Class 12th on the basis class 11 and class 10th marks also#MEMES
Meanwhile their class 11th marks pic.twitter.com/EXHvBFlMdZ
— ANKUSH (@Memer_world01) June 17, 2021
Class 12th students situation rn ( ab rishtedaar Nahi kringe phone 😂😃) : #CBSE pic.twitter.com/cc1VMlH3G1
— Mohini Sharma (@mohini_011) June 17, 2021

cbse : 17 जून 2021 को 12वीं रिजल्ट के लिए जारी किया जा सकता ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 16 जून 2021 या 17 जून 2021 को 12वीं रिजल्ट के लिए ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया जारी किया जा सकता है।कोरोना के कारण सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी थी।अब रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जा रही है।ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया जारी होने के बाद जल्द ही सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट घोषित करेगी।
CBSE submitted before Supreme Court its evaluation criteria for awarding grades/marks for Class XII exams.
For class X & XI, marks in best of 3 from 5 papers in term exams will be considered. For Class XII, marks obtained in unit, term & practicals will be taken into account. pic.twitter.com/gowYPc7zEm
— ANI (@ANI) June 17, 2021
CBSE की ओर से स्कूलों को 28 जून तक ऑनलाइन मोड में प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट का आयोजन कर बोर्ड की वेबसाइट पर नंबर अपलोड करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वहीं मूल्यांकन नीति घोषित होने के बाद स्कूलों को और भी समय नंबर अपलोड करने के दिए जा सकते हैं। दरअसल, इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में पायल बहल ने 31 मई को एक याचिका दायर की थी। याचिका में यह कहा गया था कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने कक्षा 10वीं के रेगुलर स्टूडेंट्स के रिजल्ट के लिये टेबुलेशन पॉलिसी की घोषणा तो कर दी, लेकिन उन छात्रों के लिये इवैल्यूएशन क्राइटेरिया नई बताई गई, जो प्राइवे से 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि CBSE ने ऐसे छात्रों के लिये कोई पॉलिसी, नियम या निर्देश जारी नहीं किए थे। पर सीबीएसई के अब छात्रों के मन से कई संशयों को हटाने का कार्य कर दिया है।

