गाजियाबाद में एक मुस्लिम बुजुर्ग की कनपटी पर तमंचा रखकर जय श्रीराम (Jai Shree Ram) का नारा लगवाने और जबरन दाढ़ी मुंडवाने का मामला फर्जी निकला है। अब उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद पुलिस ने इस मामला में नौ लोगों पर FIR दर्ज की है। पुलिस ने एक कांग्रेस नेता, एक पत्रकार और एक ट्विटर अधिकारी समेत नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मामला लोनी सीमा पुलिस स्टेशन में एक पुलिस उपनिरीक्षक द्वारा दर्ज किया गया है। भारतीय दंड संहिता १५३ (दंगों के लिए उकसाना), १५३ए (दो समूहों के बीच घृणा को उकसाना), २९५ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), ५०५ (धोखाधड़ी), १२०बी (आपराधिक अपराध करना) और ३४ (एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए अपराध करना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
‘Jai Shree Ram’ नारे को लेकर ज्यादा गरमाया था मुद्दा
थाना लोनी बार्डर क्षेत्रान्तर्गत हुई घटना में #GhaziabadPolice द्वारा की गई कठोर कार्यवाही- 3 अभियुक्त गिरफ्तार@Uppolice pic.twitter.com/zg6lHregKD
— POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD (@ghaziabadpolice) June 14, 2021
मामले के बारे में ट्वीट करने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने पत्रकार मोहम्मद जुबैर और राणा अयूब के नाम भी प्राथमिकी में शामिल किए हैं। इसके अलावा कांग्रेस नेता सलमान नजमी, शमा मोहम्मद और मस्कुर उस्मानी, लेखक सबा नकवी, द वायर, ट्विटर इंक. और ट्विटर कम्युनिकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। गाजियाबाद में एक बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया। Jai Shree Ram नारे को बुलवाने ने तूल पकड़ लिया। जिसके बाद पुलिस ने दावा किया कि मामले में दी गई सभी जानकारी गलत थी।

क्या था मामला
वायरल वीडियो में वृद्ध ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन यह बूढ़ा उन लोगों को जानता था। साथ ही जय श्री राम (Jai Shree Ram) का जबरन उद्घोषणा भी नहीं की गई। पुलिस जांच के अनुसार पीड़ित अब्दुल समद 5 जून को बुलंदशहर से बेहटा (लोनी बॉर्डर) आया था। यहां से अब्दुल समद एक अन्य व्यक्ति के साथ मुख्य आरोपी परवेश गुज्जर के घर बन्थाला (लोनी) में गया था। कुछ ही देर में अन्य बच्चे प्रवेश द्वार पर आ गए।
इनमें कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद शामिल थे। उन्होंने परवेश के साथ मिलकर अब्दुल समद की पिटाई शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक अब्दुल समद ताबीज बनाता था। कहा जाता है कि अब्दुल समद द्वारा बनाए गए एक ताबीज का परिवार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और जवाब मांगने पर उन्हें पीटा गया।
‘Jai Shree Ram’ नारे पर नहीं ताबीज पर हुआ झगड़ा !
अब्दुल समद और परवेश, आदिल, कल्लू एक दूसरे को पहले से जानते थे। अब्दुल समद ने गांव में कई लोगों को ताबीज दिए थे। मामले में परवेश गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया है। कल्लू और आदिल को 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।

राजनीति गरम है
वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इसे ट्वीट किया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल को उत्तर प्रदेश को बदनाम न करने की सलाह दी थी। लोनी बॉर्डर इलाके में रिक्शे पर बैठे एक बुजुर्ग को कथित तौर पर Jai Shree Ram नहीं बोलने पर पीटा गया। घटना 5 जून की है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सियासत गरमाने लगी है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को इस घटना की आलोचना की, जिस पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पलटवार किया। राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि यह घटना “शर्मनाक” है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा, मैं यह मानने को तैयार नहीं हूं कि श्रीराम (Jai Shree Ram) का सच्चा भक्त ऐसा कुछ कर सकता है। इस तरह की क्रूरता मानवता से कोसों दूर है और समाज और धर्म दोनों के लिए कलंक है। ”
प्रभु श्री राम की पहली सीख है-"सत्य बोलना" जो आपने कभी जीवन में किया नहीं।
शर्म आनी चाहिए कि पुलिस द्वारा सच्चाई बताने के बाद भी आप समाज में जहर फैलाने में लगे हैं।
सत्ता के लालच में मानवता को शर्मसार कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता को अपमानित करना, उन्हें बदनाम करना छोड़ दें। pic.twitter.com/FOn0SJLVqP
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 15, 2021
श्रीराम के नाम पर धन की लूट !
राहुल गांधी के ट्वीट का मजाक उड़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपने अपने जीवन में कभी सच नहीं बोला। योगी आदित्यनाथ ने एक ट्वीट में कहा, भगवान Shree Ram का पहला पाठ है “सच बोलो” जो आपने अपने जीवन में कभी नहीं किया। आपको शर्म आनी चाहिए कि पुलिस द्वारा आपको सही जानकारी देने के बाद भी आप समाज को जहर देने में शामिल हैं। सत्ता का लालच मानवता का अपमान है। उत्तर प्रदेश के लोगों का अपमान और बदनाम करना बंद करें।”

