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ट्रंप ने तोड़ी अंतिम दिनों में चार परंपराएं, निभाई केवल एक

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे काम किए जिनके कारण जाते-जाते भी वह अमेरिकी इतिहास में अपना नाम दर्ज करा गए हैं।

ट्रंप सात जनवरी तक किसी भी तरह चुनावों में अपनी हार मानने को तैयार नहीं थे। वह लगातार चुनाव में धांधली के आरोप लगाते रहे और अपनी जिद्द पर अड़े रहे। इसी अड़ियल रवैये के चलते ट्रंप ने बिडेन को बधाई तक नहीं दी। सबसे खास बात तो ये रही कि अमेरिकी इतिहास में 150 साल में पहली बार ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति रहे जो  नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के शपथ समारोह में शामिल नहीं हुए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने बतौर राष्ट्रपति अपने अंतिम दिनों में कई परम्पराओं को एक झटके में तोड़ दिया और निभाई केवल एक परम्परा।

आईये जानते हैं ट्रंप ने कौन-सी परम्परा निभाई और कौन-सी नहीं?

ट्रंप ने छोड़ी बिडेन के नाम चिट्ठी

व्हाइट हाउस छोड़ने से पहले अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति अपना कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद नए राष्ट्रपति के लिए एक नोट यानी चिट्ठी छोड़कर जाते हैं। ट्रंप ने बस यही एक परम्परा निभाई। उन्होंने बिडेन के लिए ओवल ऑफिस में एक चिट्टी जरूर छोड़ी।

ट्रंप ने तोड़ीं चार परंपराएं

1. नहीं दिया बिडेन को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण

परंपरा के अनुसार, अमेरिका में चुनाव नतीजे स्पष्ट हो जाने के बाद ही वर्तमान राष्ट्रपति प्रेजिडेंट इलेक्ट राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण देता है। लेकिन सात जनवरी तक तो ट्रंप ने हार ही नहीं स्वीकारी थी। लेकिन जब संसद पर हिंसा हुई तो ट्रंप समस्यों से घिर गए और उन्होंने हार स्वीकार ली। इस दौरान भी बिडेन को ट्रंप द्वारा बधाई नहीं दी गई। इससे पहले जब ट्रंप चुनाव में जीत गए थे तो बराक ओबामा ने उन्हें व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया था।

2. ट्रंप तो ट्रंप मेलानिया ने भी नहीं निभाया फर्स्ट लेडीज का ‘टी एंड टूर ट्रेडिशन’

ट्रंप की तरह उनकी पत्नी का रवैया तो अड़ियल नहीं रहा, लेकिन परम्परा तोड़ने में वह भी पीछे नहीं रहीं । अमेरिकी इतिहास में करीब 100 साल बाद फर्स्ट लेडी ने फ्यूचर फर्स्ट लेडी को व्हाइट हाउस आने का न्योता नहीं दिया। ये बेहद हैरान करने वाला था कि फर्स्ट लेडी (इस बार मेलानिया ट्रंप) ने फ्यूचर फर्स्ट लेडी (जिल बाइडन) को व्हाइट हाउस नहीं बुलाया।

अमेरिकी परम्परा के अनुसार, वर्तमान प्रथम महिला द्वारा भावी प्रथम महिला को चाय पर बुलाया जाता है। उन्हें व्हाइट हाउस में हर जगह की सैर कराई जाती है।  ये ट्रांसफर ऑफ पावर का हिस्सा है। मेलानिया की इस हरकत पर बिडेन की बेटी एश्ले ने दुःख जताया है।

3.  शपथ दिलाने इलेक्ट प्रेसिडेंट को नहीं ले गए ट्रंप

वर्तमान राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह से पहले व्हाइट हाउस के नॉर्थ पोर्टिको की सीढ़ियों पर नए राष्ट्रपति को रिसीव करते हैं। इसके बाद, वे कैपिटल हिल में एक साथ पहुंचते हैं, जहां शपथ ग्रहण समारोह होता है। 2017 में, ट्रम्प और मेलानिया को मिशेल और बराक ने रिसीव किया था। इस बार ट्रंप खुद समारोह में शामिल नहीं हुए।

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4. शपथ समारोह में शामिल न होना

ऐसा पहली बार हुआ जब 152 साल बाद जब प्रेसिडेंट इलेक्ट के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति सम्मिलित नहीं हुआ।
इससे पहले, एंड्रयू जॉनसन एस ग्रांट 1869 में (18 वें राष्ट्रपति) के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए थे। जॉनसन तब व्हाइट हाउस में मौजूद थे। ट्रंप एक कदम आगे निकल गए। उन्होंने फ्लोरिडा के लिए रवाना होने से पहले एंड्रयू एयरबेस में समर्थकों को संबोधित किया। यह विदाई भाषण से ज्यादा एक राजनीतिक भाषण था।

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