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तालिबान ‘सब देशों के साथ काम करने’ के लिए तैयार

तालिबान
15 अगस्त को तालिबान ने काबुल हवाई अड्डे पर कब्जा कर लिया और पूरे अफगानिस्तान पर नियंत्रण की घोषणा कर दी। जिसको लेकर पूरी दुनिया चिंतित और आशंकित है। लेकिन अफगानिस्तान में नई सरकार अब वैश्विक पहचान हासिल करने की कोशिश कर रही है। वर्तमान तालिबान सरकार में कई लोग वैश्विक स्तर पर आतंकवादियों के रूप में ब्लैक लिस्ट में हैं। इस सरकार को वैश्विक स्वीकृति प्राप्त करने के लिए अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा कई शर्तें लगाई जा रही हैं। तालिबान अफगानिस्तान पर लगे प्रतिबंध तत्काल हटाने पर जोर दे रहे हैं।

इस पृष्ठभूमि में अब तालिबान की भूमिका स्पष्ट हो गई है। तालिबान के वरिष्ठ नेता सुहैल शाहीन ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान का “इस्लामिक अमीरात” समावेशी होने के लिए तैयार है। सुहैल शाहीन को संयुक्त राष्ट्र में तालिबान का राजदूत नियुक्त किया गया है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि तालिबान को हराने के लिए उनकी संख्या पर्याप्त नहीं थी। मुख्य रूप से तालिबान में महिलाओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा विश्व स्तर पर उठाया जा रहा है।

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कैबिनेट में महिलाएं भी होंगी शामिल!

शाहीन ने यह कहते हुए कि वह समावेशी होने के लिए तैयार है बताया कि महिलाओं को बाद में तालिबान कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। वर्तमान कैबिनेट में एक भी महिला शामिल नहीं है और अफगानिस्तान में महिलाओं की शिक्षा, पोशाक और व्यवहार पर महत्वपूर्ण प्रतिबंध हैं। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि कैबिनेट में महिलाओं को शामिल किया जाए। तालिबान का स्पष्टीकरण तब आया है जब पश्चिमी देश तालिबान के भीतर एक व्यापक सरकार पर जोर दे रहे हैं।

कैबिनेट में सभी अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व

सुहैल शाहीन ने कहा है कि नए तालिबान कैबिनेट में सभी अल्पसंख्यक समूहों का प्रतिनिधित्व किया गया है। साथ ही तालिबान ने पुरानी सरकार के सदस्यों की भागीदारी के लिए अमेरिकी मांगों को खारिज कर दिया है। शाहीन ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफगानिस्तान के लोगों की इच्छा का सम्मान करना चाहिए।”

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